सफाई कामगारों को जिला खनिज न्यास निधि से दिए जाएं प्रतिमाह 20 हजार कोविड जोखिम भत्ता ; अजाक्स

Johar36garh (Web Desk)|छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) ने मूलनिवासी सफाई कामगारों का पंजीयन कर स्थाई रोजगार और जिला खनिज न्यास निधि से दिए जाएं प्रतिमाह बीस हजार कोविड जोखिम भत्ता देने की मांग की है | इस संबंध में कोरबा इकाई ने कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा है|

अजाक्स के जिला प्रवक्ता कोरबा सुरेन्द्र कुमार खुंटे ने जिला कलेक्टर कोरबा को पत्र लिखकर  मांग की है कि कोरबा जिले में निवासरत स्थानीय मूलनिवासी सफाई कामगारों का पंजीयन नहीं होने के कारण नगरीय निकाय में रोजगार प्राप्त होने से वंचित होना पड़ रहा है। अतः समाचार पत्रों के माध्यम से प्रचार- प्रसार कर पुनः पंजीयन कर स्थानीय मूलनिवासी सफाई कामगारों को रोजगार प्रदान किया जाए। श्री खुंटे ने कहा कि नगर पालिक निगम कोरबा अंतर्गत ठेकेदार के अधीन  कार्यरत सफाई कामगारों के बैंक पासबुक ए टी एम कार्ड संबंधित सफाई ठेकेदारों द्वारा अपने कब्जे में रखकर आर्थिक व मानसिक रूप से शोषण किया जा रहा है। इसके निराकरण के लिए आयुक्त नगर पालिक निगम कोरबा के माध्यम से सभी सफाई कामगारों के बैंक पासबुक एवं एटीएम कार्ड का भौतिक सत्यापन किया जाना आवश्यक है, ताकि ठेकेदारों के कब्जे से पासबुक एवं एटीएम कार्ड को छुड़ाया जा सके। ज्ञात हुआ है कि ठेकेदारों द्वारा ₹200 दिहाड़ी का भुगतान कर शेष राशि हड़प ली जा रही है। इस पर कार्यवाही करने की जरूरत है। यह भी कहा कि कोविद  महामारी के इस कठिन दौर में सफाई कामगार अपनी जान जोखिम में डाल विभिन्न अस्पताल, कार्यालय, सड़क, गली- मोहल्ला की साफ सफाई कर रहे हैं । जिनको कार्य योजना बनाकर  जिला खनिज न्यास निधि से बीस हजार प्रति माह पोषण, स्वास्थ्य, जोखिम भत्ता प्रोत्साहन के रूप में दिया जाना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रांत अध्यक्ष डॉ लक्ष्मण कुमार भारती,  प्रांतीय महामंत्री के आर डहरिया, प्रदेश सचिव डॉ अमित कुमार मिरी, जिलाध्यक्ष कोरबा के डी पात्रे ने  जिला कलेक्टर को संज्ञान लेने की अपील भी की है।

See also  छात्रा से छेड़छाड़: बिलासपुर हाईकोर्ट ने शिक्षक की याचिका की खारिज, 5 साल की सजा बरकरार