Johar36garh News| फतेहगंज थाना क्षेत्र के जबरापुर गांव में मामूली विवाद के बाद भतीजे को इस कदर गुस्सा आ गया कि उसने दिव्यांग चाचा पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। घर पर दिव्यांग किसान के दोनों बेटे कामदगिरी की परिक्रमा करने चित्रकूट गए थे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके आरोपित भतीजे को गिरफ्तार किया है। वारदात के बाद से गांव में किसानों के बीच आक्रोश का माहौल बना है। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।
आग में घिरे बिंदा को देख दौड़े ग्रामीण
जबरापुर गांव दिव्यांग 55 वर्षीय बिंदा प्रसाद छह बीघा में खेती करके परिवार का भरणपोषण करते थे। बुधवार शाम खेत से ट्राई साइकिल से घर लौट रहे थे, इस बीच उनपर पेट्रोल डाल आग लगा दी गई। आग की चपेट में घिरे बिंदा की चीख पुुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई। गंभीर हालत में उसे रात करीब आठ बजे सीएचसी में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था, जहां इलाज के दौरान बिंदा की मौत हो गई।
दो बेटे गए थे चित्रकूट
घटना के समय बिंदा के दो बेटे चित्रकूट कामदगिरी की परिक्रमा करने गए थे। सूचना मिलने के बाद देर रात लौटे और अस्पताल पहुंचे। बेटे शिवपूजन ने थाने में तहरीर देकर चचेरे भाई रामभरोसे पर चारा मशीन के बंटवारे के विवाद में पेट्रोल डालकर पिता को जिंदा जलाने का आरोप लगाया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित रामभरोसे को गिरफ्तार कर लिया।
आधा पैसा देकर मांग रहा था मशीन
शिवपूजन ने बताया कि जानवरों का चारा काटने के लिए मोटर मशीन लगी है। उसकी कीमत करीब पचास हजार रुपये है। रामभरोसे आधी रकम देकर मशीन मांग रहा था। इसी बात को लेकर एक सप्ताह से विवाद कर रहा था, जबकि परिवार के लोग बंटवारा नहीं करना चाहते थे। इसके चलते बुधवार शाम नशे में धुत रामभरोसे ने घटना को अंजाम दिया है। थानेदार पंकज सिंह ने बताया कि दिव्यांग किसान को पेट्रोल डालकर जलाने की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है, आरोपित भतीजे को गिरफ्तार करके पूछताछ की जा रही है।