JJohar36garh News|छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक दिवसीय दौरे पर आज जांजगीर जिला के शिवरीनारायण पहुंचे थे इस दौरान उन्होंने शिवरीनारायण में 30 बिस्तर वाले हॉस्पिटल की सौगात दी है । साथ ही उन्होंने शिवरीनारायण में तीन दिवसीय प्रदेशस्तरीय मानस गान कार्यक्रम कराने की घोषणा की|
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा की छत्तीसगढ़ भगवान् राम का मामा गांव है, इसलिए छत्तीसगढ़ के लोग भगवान् राम को भांचा मानते हैं| उन्होंने कहा की इसे दूसरे रूप में भांचा को राम के रूप में देखते हैं| भांचा चाहे बड़ा हो या फिर छोटा उसके पैर छूते हैं |
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा की जहां जहां भगवान राम गए हैं वहां-वहां का विकास करेंगे| अभी तो ये शुरुआत है| धीरे-धीरे सभी जगहों का विकास किया जाएगा | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा की पिछली सरकार में किसानों की संख्या कम हो रही थी और खेतों का रकबा घटता जा रहा था, लेकिन अब हमारी सरकार बनी है तब से किसान बढ़ रहे हैं और रकबा भी बढ़ता जा रहा है |
इससे पहले छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध रामायणकालीन स्थल शिवरीनारायण में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का स्वागत छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से किया गया। मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उनके शिवरीनारायण मठ पहुंचने पर उन्हें ठेठरी, खुर्मी, पपची, अइरसा, मुरकु, खाजा, सलोनी स्वादिष्ट छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से भी तौला गया।
मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण में राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत लगभग 36 करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्यों के प्रारूप का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने मेला मैदान में भगवान राम, लक्ष्मण और माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण भी किया|

राम वनगमन पर्यटन परिपथ के महत्वपूर्ण पड़ाव और महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के संगम पर स्थित शिवरीनारायण में रामायण की थीम के अनुरूप विभिन्न विकास कार्य आकार ले रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से महानदी मोड़ पर 44 फ़ीट ऊंचा विशाल प्रवेश द्वार और इसके समीप 32 फ़ीट ऊंची भगवान श्रीराम सहित लक्ष्मण और माता शबरी की मूर्ति का निर्माण किया जायेगा।शिवरीनारायण में माता शबरी की भक्ति एवं वात्सल्य के प्रतीक जूठे बेर खिलाने के प्रसंग को उद्धरित करते हुए नदीतट घाट एरिया का सुंदरीकरण के अंतर्गत 14 व्यू पॉइंट का निर्माण, आरती पूजन जन सुविधा के रूप में, फ़ूड प्लाज़ा, मेला ग्राउंड के पास कैफेटेरिया, पर्यटन सूचना केंद्र, पार्किंग एरिया का निर्माण, थ्री डी मॉडल, वाक थ्रू के प्रस्तावित प्रारूप का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि राम वनगमन पर्यटन परिपथ राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। छत्तीसगढ़ वासियों के लिए भगवान केवल आस्था ही नहीं बल्कि भांजे के रूप में भी पूजनीय हैं। पर्यटन परिपथ में कोरिया से लेकर सुकमा तक लगभग 1440 किलोमीटर के पथ में 75 स्थलों का चिन्हांकन किया गया है। इनमें से प्रथम चरण में 9 स्थलों के विकास का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है। इनमें सीतामणी हरचौका, रामगढ़, शिवरीनारायण, तुरतुरिया, चंदखुरी, राजिम, सिहावा, जगदलपुर और रामाराम ( सुकमा) शामिल हैं।
मुख्यमंत्री राम गमन पथ पर्यटन का अवलोकन करने पहुंचे थे इस दौरान उनके साथ प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, स्वास्थ्य मंत्री वह जांजगीर जिला के प्रभारी मंत्री टी एस सिंह देव, श्रममंत्री डॉक्टर शिव डहरिया, राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, छत्तीसगढ़ का सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास महंत सहित प्रदेश के तमाम नेता मंच पर उपस्थित थे।
