इंस्पेक्टर की मां की मौत, डॉक्टरों और परिजनों में हुई मारपीट, हुआ हंगामा

JJohar36garh News|कोविड मरीजों के इलाज को लेकर हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं. प्रयागराज में कोविड-19 लेवल थ्री एसआरएन (स्वरूप रानी नेहरू) अस्पताल में मरीज को भर्ती कराने को लेकर जमकर बवाल हो गया. मरीज़ के इलाज को लेकर एसआरएन में बवाल हो गया जिसमें डॉक्टरों और परिजनों में मारपीट भी हुई. इस बीच इलाज के दौरान हुई इंस्पेक्टर की मां की मौत भी हो गई. आज तड़के करीब 3 बजे कोविड मरीज अपनी मां को भर्ती कराने को लेकर इंस्पेक्टर और उसके परिवार वाले अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों से भिड़ गए और दोनों में जमकर मारपीट हुई. जूनियर डॉक्टरों ने मारपीट से नाराज होकर काम बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए और प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगे. मौके पर डीएम पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया. डॉक्टरों की हड़ताल के बाद भर्ती मरीज़ों को थोड़ा दिक्कत का सामना भी करना पड़ा.

लोहे के रॉड से हमला जूनियर डॉक्टरों ने इंस्पेक्टर और उनके तीमारदारों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के साथ लोहे की रॉड से हमला किया, जिसमें कई डॉक्टरों को चोट भी आई है. वहीं मारपीट की घटना में इंस्पेक्टर समेत मरीज के तीमारदारों को भी गंभीर चोटें आई हैं. दरअसल, प्रतापगढ़ जिले में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात जुल्फिकार अली अपनी मां को लेकर कोविड-19 लेवल थ्री एसआरएन अस्पताल पहुंचे थे. कोविड वार्ड नंबर 2 में तैनात डॉक्टरों बेड खाली ना होने के चलते मरीज को भर्ती करने से इंकार कर दिया. डॉक्टरों का आरोप है कि इस बात से नाराज इंस्पेक्टर और उनके साथ तीमारदारों ने मरीज को ग्लूकोज चढ़ाने वाले स्टैंड से मारपीट शुरू कर दी. चिकित्सकों का आरोप है कि मौके पर मौजूद चार पुलिसकर्मियों ने भी कोई बीच-बचाव नहीं किया. लेकिन जब अस्पताल के दूसरे डॉक्टर और कर्मचारी इकट्ठा होने लगे.

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जूनियर डॉक्टरों ने इंस्पेक्टर और उनके तीमारदारों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के साथ लोहे की रॉड से हमला किया, जिसमें कई डॉक्टरों को चोट भी आई है. वहीं मारपीट की घटना में इंस्पेक्टर समेत मरीज के तीमारदारों को भी गंभीर चोटें आई हैं. दरअसल, प्रतापगढ़ जिले में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात जुल्फिकार अली अपनी मां को लेकर कोविड-19 लेवल थ्री एसआरएन अस्पताल पहुंचे थे. कोविड वार्ड नंबर 2 में तैनात डॉक्टरों बेड खाली ना होने के चलते मरीज को भर्ती करने से इंकार कर दिया. डॉक्टरों का आरोप है कि इस बात से नाराज इंस्पेक्टर और उनके साथ तीमारदारों ने मरीज को ग्लूकोज चढ़ाने वाले स्टैंड से मारपीट शुरू कर दी. चिकित्सकों का आरोप है कि मौके पर मौजूद चार पुलिसकर्मियों ने भी कोई बीच-बचाव नहीं किया. लेकिन जब अस्पताल के दूसरे डॉक्टर और कर्मचारी इकट्ठा होने लगे.