छत्तीसगढ़ के इस गांव में मछली पकड़ने उमड़ी ग्रामीणों की भीड़, डर नहीं संक्रमण का

JJohar36garh News|मुंगेली जिले के एक गांव में ग्रामीणों को कोरोना वायरस का डर नहीं है. यहां ग्रामीण सामूहिक रूप से भारी संख्या में ग्रामीण तालाबों में मछली मार रहे हैं|  जबकि मुंगेली जिले में कोरोना के बढ़ते केस के चलते 16 मई तक लॉकडाउन लगाया है  इनकी ये लापरवाही कहीं घातक साबित न हो जाए.ये लोग बेखौफ घरों से बाहर निकल रहे हैं|  लोरमी क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में लॉकडाउन के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है.
ये पूरा मामला लोरमी के सरईपतेरा गांव का है. जहां गांव के तालाबों में अपनी जान जोखिम में डालकर सुबह से ही मछली मारने के लिए सैकड़ों की संख्या में भीड़ उमड़ी हुई है. उन्हें रोकने के लिए कोई भी जिम्मेदार सरकारी नुमाइंदे ध्यान नहीं दे रहे हैं. लिहाजा खुलेआम मछली मारने का काम बेधड़क बदस्तूर जारी है. यह भीड़ गांव में मछली मारने के लिए उमड़ रही है. जिसके चलते कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा बना हुआ है.

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जानकारी के अनुसार गांव में कई लोग कोरोना से संक्रमित हैं. बावजूद इसके मछली मारने का काम किया जा रहा है. छोटे तो छोटे बड़े बुजुर्ग भी तालाब में डेरा जमाए हुए है. मछली मारने के उपकरण लिए तालाब में मछली मारते साफ दिख रहे हैं. इन्हें कोरोना का खौफ नहीं, बल्कि मछली का स्वाद चखने की ज्यादा उत्सुकता है.

जानकारी के मुताबिक जिले में रोजाना 600 से अधिक कोरोना के संक्रमित मरीज मिल रहे हैं. जिनमें 85 प्रतिशत मरीज ग्रामीण इलाकों से है. इसके बाद भी ग्रामीणों में जनजागरूकता का अभाव का देखा जा रहा है. या यूं कहें कोरोना का डर अब लोगों के मन से खत्म हो गया है. ऐसे समय में शासन के नियमों का कड़ाई से पालन करने के बजाय ग्रामीण अपनी मनमानी करने में लगे हैं.