JJohar36garh News|जांजगीर जिला के पामगढ़ में रविवार को 2 बड़ी घटना घटी, जिसमें लापरवाही से एक महिला जो पिछले 20 दिनों से अपने पति को बचाने के लिए संघर्ष कर रही थी उसे बेवजह परेशान होने पड़ा| पहले कम उम्र में पति के मौत से टूटी पत्नी को पता चला की उसके पति का शव किसी अनजान जगह पहुंच गया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई | जैसे तैसे वह पति के शव के पास ग्राम खोखरी मुक्तिधाम पहुंची, दुःख दर्द से परेशान महिला ने गांव वालों से उसी मुक्तिधाम में अपने पति का अंतिम संस्कार करने की गुहार लगाई, लेकिन महिला को इतना परेशान करने के बाद भी गांव वालों को उस पर तरस नहीं आया और शव का अंतिम संस्कार करने से साफ मना कर दिया| परेशान महिला ने मौके पर मौजूद पामगढ़ SDM करुण डहरिया से अपनी पीड़ा बताई, उन्होंने महिला की परेशानी को समझते हुए शव को ग्राम खोखरी से तत्काल पामगढ़ मुक्तिधाम में पहुंचाने का आदेश दिया| फिर पामगढ़ में पूरी विधि विधान के साथ शव का अंतिम संस्कार किया गया|
दरअसल पत्थलगांव निवासी व आईटीआई पत्थलगांव में ट्रेनर महावीर प्रसाद टंडन को 20 अप्रैल को साँस लेने में तकलीफ होने पर उसकी पत्नी विमला टण्डन ने स्थानीय हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, सुधार नहीं होने उसे बिलासपुर के आर बी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था| जिसकी रविवार सुबह लगभग 7:30 बजे मौत हो गई| जब वह अपने पति का शव लेने हॉस्पिटल पहुंची तो शव उसके पति का नहीं था किसी और का था | रविवार को ही पामगढ़ के ग्राम खोखरी निवासी लखन लाल साहू की भी इलाज के दौरान मौत हुई थी | उन्होंने उनके पति के शव को ले गए हैं | इसकी जानकारी होने पर विमला ने लखन लाल साहू के परिजनों का नंबर लेकर उन्हें फ़ोन कर जानकारी दी|
बिना शव के शिनाख्त किए ले गए शव
बिलासपुर के आर बी हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने महावीर प्रसाद टंडन के शव को लखन लाल साहू के परिजनों को सौंप दिया गया। लखन लाल साहू के परिजनों ने भी बिना शव को देखें उसकी शिनाख्त किए बिना ही अपने सुपुर्दगी में ले लिया। और एम्बुलेंस से ग्राम खोखरी मुक्तिधाम लेकर पहुंचे | इधर जब लखन लाल साहू के शव को महावीर प्रसाद टंडन की पत्नी को सौंपा गया तो उन्होंने शव की पहचान की तो शव उसके पति का नहीं था | तब उन्हें शव के अदला बदली होने की जानकारी हुई। महावीर प्रसाद की पत्नी विमला टंडन ने इसकी सूचना लखन लाल साहू के परिजनों को दी तब लखन साहू के परिजनों को भी इसकी जानकारी हुई।
महिला स्वयं शव को लेकर पहुंची खोखरी
महावीर प्रसाद की पत्नी विमला टंडन ने शव की अदला बदली होने की जानकारी होने पर सारी परेशानियों को समझती हुई । विमला टंडन स्वयं लखन लाल साहू के शव को लेकर पामगढ़ ग्राम खोखरी पहुंची|
ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार करने से किया मना
पिछले 20 दिनों की परेशानी और पति के मौत से टूट चुकी पत्नी विमला टंडन ने खोखरी के ग्रामीणों से पति के शव का भी अंतिम संस्कार करने का आग्रह किया, किन्तु वहां के ग्रामीणों को महिला की परेशानी और दुःख दर्द पर तनिक भी दया नहीं आई और अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया | जबकि इन्हीं गाँवों वालों की लापरवाही से उसके पति का शव यहां पहुंचा था |

पामगढ़ एसडीएम ने समझा महिला का दर्द
महावीर प्रसाद की पत्नी विमला टंडन का अनुरोध ग्रामवासियों ने ठुकरा दिया| जिसके बाद विमला टण्डन ने एसडीएम पामगढ़ करुण डहरिया से मिली और अपना दर्द सुनाया| जिस पर पामगढ़ एसडीएम ने तत्काल अंतिम संस्कार की व्यवस्था पामगढ़ में कराई । शव को ग्राम खोखरी के मुक्तिधाम से डॉ अम्बेडकर कॉलेज पामगढ़ के सामने वाले मुक्तिधाम लाया गया| जहां विधिक कार्यवाही पूर्ण करने उपरांत महावीर प्रसाद टंडन का ससम्मान अंतिम संस्कार किया गया। प्रशासन के इस सहयोग के लिए श्रीमती विमला टंडन ने आभार प्रकट किया।
महिला के नहीं थम रहे थे आशु
महावीर प्रसाद की पत्नी विमला टंडन पिछले 20 दिनों से अपने अपने पति के साथ जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही थी| उसके 2 छोटे-छोटे बच्चे हैं जिसे किसी और के भरोसे छोड़ कर आई थी, ऐसे में यहां शव अपने गृह ग्राम ले जाना और वहां अंतिम संस्कार कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी, यह सब बता कर महिला के आशु नहीं थम रहे थे|
खोखरी सरपंच को इसकी जानकारी नहीं
इस संबंध जब खोखरी सरपंच कुमार साहू ने बताया की महिला द्वारा अंतिम संस्कार करने का आग्रह करने की जानकारी मुझे नहीं है | परिजनों ने बिना शव की पहचान किए हॉस्पिटल से ग्राम खोखरी ले आए थे, महिला की सूचना के बाद परिजनों को जानकारी हुई |