शिक्षा को हथियार बनाकर अब लड़ेगा आदिवासी समाज, विश्व आदिवासी दिवस पर पामगढ़ में दिखाई ताकत

JJohar36garh News|सर्व आदिवासी समाज पामगढ़ एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ ब्लॉक इकाई पामगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में संयुक्त राष्ट्र संघ UNO द्वारा घोषित विश्व आदिवासी दिवस ग्राम ससहा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विश्व आदिवासी दिवस द्वितीय विश्वयुद्ध के पश्चात पूरे विश्व में शांति स्थापना के साथ साथ समानता का अधिकार, स्वतंत्रता ,गरीबी उन्मूलन शिक्षा एवं स्वास्थ्य के विकास के उद्देश्य से 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र संघ का गठन किया गया ।जिसमें 192 देश सदस्य हैं|

वर्ष 1994 से संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा द्वारा 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में घोषित किया गया। जिसके बाद से प्रतिवर्ष 9 अगस्त को विश्व के सारे देशों में विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाया जाता है यह दिवस आदिवासी समुदाय में संस्कार, रीती रिवाज ,तीज त्यौहार , सुरक्षा,हक अधिकार के लिए संकल्पित होने का दिवस है।

कार्यक्रम की शुरुआत राइस मिल चंडीपारा बुढ़ादेव ठाना से इष्ट देव बूढ़ादेव की पूजा अर्चना पश्चात बाइक रैली निकाल कर की गई जिसमें पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत विभिन्न गांवों से आए हुए सर्व आदिवासी समाज के सगा जन उपस्थित थे। बाइक रैली के साथ सभी अंबेडकर चौक पहुंचे जहां पर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। साथ ही विश्व आदिवासी दिवस संबंधी नारे लगाए गए। तत्पश्चात बाइक रैली के साथ समारोह स्थल के लिए रवाना हुए। ससहा में आदिवासी समाज के भारी जन समुदाय के बीच कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मर्दन सिंह कंवर एवं अंशुल मिंज न्यायाधीश व्यवहार न्यायालय पामगढ़ के आतिथ्य में संपन्न हुआ विशिष्ट अतिथियों के रूप में समस्त आदिवासी समाज क्षेत्राध्यक्ष एवं अजाक्स के पदाधिकारियों की उपस्थिति मैं संपन्न हुआ। समारोह की शुरुआत में मंचस्थ अतिथियों के द्वारा इष्ट देव एवं महापुरुषों के तैल चित्र पर पूजा अर्चना एवं दीप प्रज्वलित कर प्रारंभ हुआ। मुख्य अतिथि द्वारा कहा गया कि आधुनिक युग शिक्षा का युग है अतः आदिवासी समाज को भविष्य के लिए शिक्षा को हथियार बनाना पड़ेगा। अंशुल मिंज द्वारा कहा गया कि आदिवासी समाज प्रकृति पूजक होते है जोकि पर्यावरण को सुरक्षित एवं संरक्षित रखते है ।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से विनय नेताम जी अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज पामगढ़, रामसेवक पैकरा अध्यक्ष जनजाति कर्मचारी संघ, सुदर्शन सिंह मरावी, भुनेश्वर सिंह मरकाम, खेदू कंवर, रंजीत पैकरा,कुंजल सिंह कंवर, आनंद सिदार, चोला राम पैकरा, उपेंद्र ध्रुव,चंदन पैकरा शत्रुघ्न पैकरा, राजीव भानु, बाबूराम पैकरा, जयप्रकाश मरावी, मुकेश रात्रे , ओंकार रायसागर, मनमोहन अनंत रामकुमार डाहिरे ,जम्मू लाल गोंड, प्रेम जगत, भोलेश्वर, प्रताप सिंह, धरम सिंह पैकरा, मायाराम मरावी, परमेश्वर पैकरा, कृष्णा मरावी आदि सगाजन उपस्थित थे।ग्राम ससहा के सरपंच महोदया एवम् ग्राम पंचायत का विशेष सहयोग रहा। मंच संचालन चंद्रभान सिंह मरकाम एवं आभार प्रदर्शन रंजीत पैकरा द्वारा किया गया।

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