JJohar36garh News|छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी इलाके में एक अजीब घटना को किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है. यहां 55 वर्षीय एक महिला पैर फिसलने से रहन नदी के तेज बहाव में बह गई. बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव काफी तेज था. महिला लगभग पांच घंटे नदी में बहती रही. इस दौरान वह 20 किलोमीटर दूर दूसरे गांव में पहुंच गई. पुलिस ने आसपास के गांवों में अलर्ट भी करा दिया। महिला को नदी में बहते देखकर लोगों को लगा कि उसकी मौत हो चुकी है। लेकिन तीन बहादुर बच्चे लहरों का सामना करते हुए महिला तक पहुंचे और बचा लिया.
यह पूरी घटना लोरमी इलाके के धौराभाट गांव की है. वहां से काफी दूर चंदली गांव में भी लोगों ने महिला को पानी में बहते देखा. उन्होंने लालपुर पुलिस को नदी में लाश बहने की सूचना दी. उसके बाद पुलिस हरकत में आई और उसने नदी के किनारे के गांवों में एलर्ट जारी किया. इसी बीच बैगाकापा गांव के तीन बहादुर बच्चों ने जब महिला को बहते देखा तो वे अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में कूद गए . बच्चे नदी में बहती हुई महिला को बाहर निकाल लाए . उस समय तक महिला की सांसें चल रही थी.
पुलिस को सूचना देकर महिला को लोरमी अस्पताल पहुंचाया गया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. चूंकि कई घंटों तक महिला पानी में बहती रही थी इसके कारण उसके पेट और छाती में पानी भर गया था. महिला का इलाज जारी है और फिलहाल उसकी हालत में सुधार हो रहा है. इस घटना को ग्रामीणों से लेकर डॉक्टर और पुलिस किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं.
डॉक्टर पुलिस और परिवार के लोग इसे चमत्कार ही मान रहे है कि आखिर इतने देर पानी में बहने वाली महिला कैसे जिंदा बच गई. लोगों ने कहना है कि इस महिला पर ”जाको राखे साईंया मार सके न कोय” की कहावत पूरी तरह से चरितार्थ हो रही है. ग्रामीणों ने तीन बच्चों शुभम कश्यप और रिंकू श्रीवास समेत उनके तीसरे साथी की पीठ थपथपाई है. पूरा गांव को इन बच्चों पर गर्व महसूस कर रहा है.
