पामगढ़ में विश्व विद्यार्थी दिवस पर विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

JJohar36garh News|शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोंगाकोहरौद में विश्व विद्यार्थी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया|  7 नवंबर 1980 को डॉक्टर अंबेडकर पहली बार विद्यालय गए थे अतः विद्यार्थियों में ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करने के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोंगाकोहरौद विकासखंड पामगढ़ जिला जांजगीर चांपा में प्राचार्य कुंज किशोर राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक के नेतृत्व में और समस्त स्टाफ के महती सहयोग से एक आदर्श विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाया गया|

विद्यालय की सभी कक्षाओं से कक्षा बारहवीं से साइंस आर्ट्स और मैथ्स से गोदावरी धीवर पूजा पटेल राहुल पटेल रीना साहू देवेंद्र पटेल विद्यार्थियों को अंबेडकर क्रांतिकारी विद्यार्थी अवार्ड से नवाजा गया साथ ही कक्षा ग्यारहवीं के एक क्रांतिकारी विद्यार्थी को भी इस अवार्ड से नवाजा गया|  कक्षा नौवीं और दसवीं में ऐसे उभरते हुए विद्यार्थी जिन्होंने अपने जीवन में अंबेडकर की जीवन चरित्र को अपनाते हुए एक क्रांतिकारी अध्ययन का मिसाल पेश कर रहे विद्यार्थियों को विद्यालय के द्वारा क्रांतिकारी विद्यार्थी आवाज सम्मान से सम्मानित किया गया |

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विद्यालय में अध्ययनरत उन गरीब तबके के विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए प्राचार्य श्री किशोर ने पांच बच्चियों मनीषा यादव सोनम बंजारे पारुल कश्यप सरिता कश्यप सरस्वती यादव को शर्ट और इसकट का उपहार स्वरूप भेंट प्रदान किया|  दो गरीब छात्रों सम्मेलन चौहान पंकज सांडे को शर्ट प्रदान किया गया और एक गरीब विद्यार्थी को चप्पल प्रदान किया गया और रानी कश्यप को लोवर स्वेटर और कक्षा दसवीं के छात्र चंद प्रकाश पटेल को कोटशूट सेट और कक्षा बारहवीं के 2 विद्यार्थियों किशन खरे शिवा कौशिक को गणित का गणित का किताब भेंट किया गया|  विद्यालय के होनहार विद्यार्थी कुमारी आरती धीवर को जो इंजीनियरिंग करना चाहती है उसको आईआईटी की दो बड़ी किताब भेंट किया गया| कक्षा ग्यारहवीं के 2 विद्यार्थियों विनीता पटेल शिव कश्यप को गणित के साथ ही साथ इतिहास और राजनीति की दो दो पुस्तकें भेंट किया गया|

इस दौरान संस्था के प्राचार्य श्री किशोर ने डॉक्टर साहब कि जो संघर्ष है दक्ष की जो कहानी है डॉक्टर साहब एक  अप्रतिम विश्वरत्न बोधिसत्व और हमारे इन विद्यार्थियों के प्राण वायु के रूप में सामने आए उनके जीवन चरित्र को उन्होंने व्याख्या देने का प्रयास किया और सभी बच्चों के मन मस्तिष्क में यह बात बताया गया कि आज हम जो भी हैं डॉक्टर अंबेडकर के आशीर्वाद से हैं डॉक्टर अंबेडकर के कर्मों का फल है कि आज हमारे विद्यार्थियों का हम उत्सव प्रवेश उत्सव के रूप में तिलक लगाकर उनको भर्ती लेते हैं और आज हमारे सभी वर्ग के बच्चे समान रूप से शिक्षा ग्रहण करने के लिए विद्यालय आते हैं वह एक जमाना था 1980 में डॉक्टर अंबेडकर को भर्ती होने में इतना तकलीफ हुई थी इन तमाम चीजों के साथ एक ऐसा सशक्त प्रेरणा बच्चों को दिया गया कार्यक्रम में जनभागीदारी विकास समिति के अध्यक्ष अमृतलाल कश्यप, अध्यक्षता के पद पर उपस्थित थे| कार्यक्रम को संचालन करने में विद्यालय के व्याख्याता वीरेंद्र देवांगन ने किया|

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