कोरबा जिले से एक मां ने ममता की मिसाल पेश की है। जहां जंगली सूअर से अपनी बच्ची को बचाने के लिए जान जोखिम में डालकर भीड़ गई। इस जंग में मां अपनी बच्ची को तो बचा ली लेकिन खुद की कुर्बानी दे दी। वहीं मां ने सूअर को भी मार डाला। इस घटना में बच्ची घायल हो गई है। यह घटना पसान वन परीक्षेत्र के तेलियामार की है।
जानकारी के अनुसार, पसान वन परीक्षेत्र के तेलियामार की निवासी महिला 45 वर्षीय दुवशिया बाई और उसकी 11 वर्षीय बेटी रिंकी खेत में काम करने गए हुए थे। इस दौरान जंगली सुअर ने बच्ची पर हमला कर दिया। तभी मां जान जोखिम में डालकर जंगली सुअर से लड़ गई। महिला बिना हार माने 25 मिनट तक जंगली सूअर से भिड़ती रही। इस जंग में मा ने लड़ते-लड़ते दम तोड़ दिया और जंगली सुअर को भी मार डाली। जंगली सुअर के हमले से मां ने अपनी जान की कुर्बानी देकर बच्ची को बचा ली। इस घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों को भीड़ लग गई। इसकी सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई में जुट गई है। वहीं घायल बच्ची को लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना पर वन विभाग ने महिला के परिजनों को 25 हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए पसान भेज दिया गया है। वहीं पशु चिकित्सक के माध्यम से जंगली सुअर का पीएम कराया जाएगा जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अपनाई जाएगी
पसान रेंजर रामनिवास दहायत ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जहां देखा गया कि सूअर और महिला दोनों की मौत हो चुकी थी। इस मामले में पंचनामा कार्रवाई करते हुए आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। मृत महिला की पुत्री सुनीता ने बताया, कि उसकी मां मिट्टी की खुदाई कर रही थी और वो उपर में थी। पास में ही सुअर का पूरा झुंड था जिसमें बच्चे भी थे लेकिन दूर से मृतका की पुत्री को सुअर का झुंड भैंस के समूह जैसे लगा। सुअर उसकी ओर आ रहे थे जिसे देखकर भागने लगी ये देख उसकी मां पर सुअर से भीड़ गयी, तब उसे इस बाद का ईल्म हुआ कि हमला करने वाला जानवर भैंस नहीं बल्की सुअर है। जिसके बाद वह दौड़कर अपने घर गई और पिता को सूचना दी। पिता मौके पर जब तक कुछ कर पाता महिला दुवसिया की मौत हो चुकी थी। मां की मौत से पुत्री का रो रोकर बुरा हाल है।