डोली की जगह लाल जोड़े में घर से निकली बेटी की अर्थी, चाँद मिनटों में खुशियाँ बदली मातम में

शादी हर लड़की का सपना होता है। यह जीवन का सबसे बड़ा फैसला भी होता है। इस दिन का इंतजार वह बरसों से करती है। उसे दुल्हन बनना और अपने पिया के घर जाना और वहां से एक नई जिंदगी की शुरुआत करना पसंद होता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी बदनसीब दुल्हन से मिलाने जा रहे हैं जिसकी शादी तय हो गई, दुल्हन का लाल जोड़ा भी पहन लिया, मेकअप करवा लिया लेकिन वह शादी कर ससुराल नहीं बल्कि श्मशान घाट गई।

यह दुखद मामला अमरोहा के हसनपुर गांव का है। यहां किसान चंद किरन की 20 वर्षीय बेटी कविता की शादी 15 मार्च को होनी थी। वह इस शादी को लेकर बड़ी खुश थी। उसने कई सपने संजो लिए थे। घर में भी शादी की तैयारी चल रही थी। लेकिन शादी के पांच दिन पहले उसे बुखार आ गया। फिर उसकी तबीयत और बिगड़ती चली गई। उसे अस्पताल भर्ती करना पड़ा।

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अब आप किस्मत का खेल देखिए। कविता की बारात जिस दिन आनी थी, उसी दिन उसने अस्पताल में अंतिम सांस ली। दूल्हा पक्ष बारात लाने कि तैयारी करता रह गया और इधर दुल्हन की डोली उठने की बजाय अर्थी उठ गई। कविता के निधन से परिवार में शौक की लहर दौड़ पड़ी। हर आंख नम और चेहरा उदास दिखा।

बताया जा रहा है कि कविता हमेशा बीमार रहा करती थी। पिछले दस दिन से उसकी तबीयत खराब होना शुरू हुई थी। लेकिन उसका भी सपना था कि वह शादी करे, बच्चे पैदा करे, अपना एक सुखी संसार बसाए। लेकिन अफसोस कि ऐसा नहीं हो पाया। उसके निधन के बाद परिवार ने दुल्हन की तरह उसे सजाय। शादी का लाल जोड़ा पहनाया। पूरा शृंगार भी किया। बस वह अपने ससुराल नहीं जा पाई। उसका अंतिम संस्कार किया गया।

एक हँसते खेलते खुशाल घर की खुशियां अचानक से मातम में बदल गई। किसी ने नहीं सोचा था कि जिस घर से बेटी की डोली उठनी थी वहीं से उसकी अर्थी उठेगी। इस घटना के बाद सिर्फ कविता के परिवार में ही नहीं बल्कि पूरे हसनपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। जिसने भी दुल्हन की अर्थी जाते हुए देखी, वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाया। सभी ने यही कहा कि भगवान दुश्मन को भी ऐसे दिन न दिखाए।

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