छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक दर्दनाक और रोमांचक घटना सामने आई है। लालपुर थाना क्षेत्र के बंधवापुल के पास एक XUV 700 कार में अचानक आग लग गई। गाड़ी में सवार दूल्हा-दुल्हन समेत कुल 7 लोगों ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचाई। जानकारी के अनुसार, घटना के दिन बेमेतरा जिले के खाती से बारात मुंगेली के मोहतरा गांव आई थी। बीती रात शादी का आयोजन हुआ और सुबह विदाई के बाद दूल्हा-दुल्हन और अन्य बाराती कार में लौट रहे थे। इसी दौरान ड्राइवर ने वाहन से धुआं निकलता देखा।
ड्राइवर ने तुरंत वाहन रोका और बाहर जाकर देखा तो गाड़ी के इंजन और सामने के हिस्से में आग तेजी से फैलती जा रही थी। देखते ही देखते कार के अंदर धुआं भर गया, जिससे अंदर बैठे लोगों के लिए स्थिति और खतरनाक हो गई। स्थिति को भांपते हुए सभी सात लोग आनन-फानन में कार से बाहर कूद गए। थोड़ी देर में पूरी कार धूं-धूं कर जलने लगी और XUV पूरी तरह खाक हो गई। यह दृश्य आसपास मौजूद लोगों के लिए भी डरावना था। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और किसी और नुकसान को टाला।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि सभी लोग समय रहते कार से बाहर नहीं निकले होते, तो यह घटना किसी बड़ी सड़क हादसे या जानलेवा दुर्घटना में बदल सकती थी। इस घटना ने सुरक्षा उपायों और वाहन की नियमित जांच की आवश्यकता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर यह मान लिया गया है कि कार के इंजन या विद्युत प्रणाली में कोई तकनीकी गड़बड़ी के कारण आग लगी होगी। अधिकारियों ने वाहन मालिक से संपर्क कर तकनीकी जांच कराने का निर्देश दिया है।
इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन मालिक और परिवार वालों के लिए यह अनुभव बेहद डरावना और तनावपूर्ण साबित हुआ। दूल्हा-दुल्हन और अन्य यात्रियों ने अपनी सतर्कता और समय पर प्रतिक्रिया के कारण जान बचाई। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े और महंगे वाहन जैसे XUV 700 में भी आग लगने की घटनाएं दुर्लभ नहीं हैं। ऐसे में वाहन के इंजन, बैटरी और विद्युत वायरिंग की नियमित जांच बेहद जरूरी है। साथ ही सड़क पर यात्रा करते समय आग लगने की आपात स्थिति में तुरंत वाहन से बाहर निकलने का प्रशिक्षण और सुरक्षा जागरूकता भी महत्वपूर्ण है। यह घटना मुंगेली जिले में यात्रियों और वाहन मालिकों के लिए सुरक्षा संदेश के रूप में उभरी है। पुलिस और प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा उपायों की सिफारिश करेंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।