छत्तीसगढ़ में चोरी का अनोखा मामला, 60 फीट लंबा और 30 टन वजनी लोहे का पुल हुआ रातों-रात गायब

 कोरबा छत्तीसगढ़ में चोरी का अनोखा मामला, 60 फीट लंबा और 30 टन वजनी लोहे का पुल हुआ रातों-रात गायब

छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक अजब गजब मामले की पुलिस रिपोर्ट दर्ज हुई है. सिविल लाइन थाना की सीएसईबी पुलिस चौकी में 60 फीट लंबे पुल के चोरी हो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत और एसपी सिद्धार्थ तिवारी से शिकायत किए जाने के बाद यह रिपोर्ट दर्ज हुई है और इस मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप बचा हुआ है. पुलिस ने चोरी के पुल की तलाश में एक विशेष जांच दल गठित कर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.

छत्तीसगढ़ के कोरबा में शहर के मध्य भाग से होकर गुजरने वाले हसदेव बायीं तट नहर में वर्षों पहले बनाया गया पुल रातो-रात चोरी हो गया. नगर निगम के वार्ड नंबर 17 के नागरिकों के शहर आवागमन के लिए यह पुल करीब 40 साल पहले बनाया गया था.

रात 11 बजे तक था, सुबह हुआ लापता
पुल की लंबाई लगभग 60 फीट और चौड़ाई 5 फीट थी. यह पुल रात 11 बजे तक सही सलामत था. वार्ड 17 के लोग इस समय तक पुल से होकर घर लौटे थे. लेकिन सुबह उन्होंने देखा कि पुल अपनी जगह से गायब है. पुल के चोरी चले जाने की सूचना तुरन्त वार्ड पार्षद लक्ष्मण श्रीवास को दी गई. वे भी भागते दौड़ते मौके पर पहुंचे, तो देख की पुल वास्तव में चोरी हो गया था.

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वार्ड पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने तुरंत आवेदन पत्र तैयार किया और एसपी सिद्धार्थ तिवारी के पास पहुंच कर शिकायत दर्ज कराई. वे यहीं नहीं रुके. उन्होंने पुल चोरी की लिखित शिकायत कलेक्टर कुणाल दुदावत से भी की और पुल के चोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से शिकायत के बाद पुलिस विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया. पुलिस ने एक विशेष जांच दल का गठन कर मामले की तेज गति से जांच शुरू कर दी है.

दरअसल, जिस पुल की चोरी हुई है, वह मजबूत लोहे का बना हुआ था. मोटे मोटे लोहे के गर्डर यानी रेल पटरियों जैसी संरचना से यह 60 फीट लंबा पुल शहरी क्षेत्र में नहर निर्माण के बाद नागरिकों के आवागमन के लिए बनाया गया था.

गर्डर के ऊपर लोहे की मोटी-मोटी प्लेट लगाई गई थी. यह पुल इतना मजबूत था कि बीते 40 सालों में इसे कोई क्षति नहीं पहुंची थी. इसी पुल की रातो रात चोरी हो गई है. मौके पर पुल को गैस कटर से काटने के निशान थे. नहर के दोनों सिरों पर पुल के जमीन में लगे टुकड़ों में गैस कटर से पुल काटने के निशान दिखाई दे रहे थे.

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30 टन लोहा और करीब 15 लाख कीमत

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह चोरी शहर में सक्रिय स्क्रैप माफिया ने कराई है. चोरी गए पुल के लोगों का वजन अनुमानित 25 से 30 टन है और उसका बाजार मूल्य करीब 15 लाख रुपए होता है.

टल गया बड़ा जल संकट

चोरों ने कोरबा शहर में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम की ओर से बिछाई गई पानी की पाइप लाइन की सुरक्षा के लिए उसके तीन दिशाओं में लगाए गए लोहे के मोटे सुरक्षा कवच को भी काटकर चोरी कर ली है. गनीमत है कि पानी का पाइप लाइन सुरक्षित है, वरना कोरबा की ढाई लाख से अधिक की आबादी बूंद बूंद पानी के लिए तरस जाती और शहर में हाहाकार मच जाता.

प्रशासन में हड़कंप, SIT का गठन

कोरबा जिला पुलिस जिले में स्क्रैप कारोबार यानी कबाड़ का व्यवसाय  बंद होने का दावा करती है. लेकिन पिछले कुछ माह से जगह जगह संचालित स्क्रैप के दुकान इस दावे को साफ साफ नकारते हैं. नगर के वार्ड नंबर 17 में पुल चोरी की घटना से सिद्ध हो जाता है कि जिले में संगठित रूप से माफिया की तर्ज पर स्क्रैप के कारोबार का संचालन किया जा रहा है. पुलिस ने शहर के दो कबाड़ियों के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई भी की, लेकिन उसे वांछित सफलता नहीं मिली.

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