पामगढ़ : सालों तक राहगीरों को परेशान करने के बाद जागा प्रशासन, डोंगाकोहरौद मार्ग पर लगा बेरियर, भारी वाहन प्रतिबंधित

जांजगीर जिला से राजधानी जाने वाले मुख्य मार्ग पर सालों तक राहगीरों को परेशान करने के बाद आख़िरकार प्रशासन ने बेरियर लगाया है| देर से ही सही अब इस मार्ग पर भारी वाहन के चलन पर रोक लगाई है| इस मार्ग पर भारी वाहनों पर प्रतिबन्ध काफी समय पहले ही लगाया गया था, लेकिन केवल खानापूर्ति ही की गई|

आपको बता दें की पामगढ़ से लगभग 6 किलो मीटर के बीच का मार्ग मुआवजे संबंधी प्रकरण की वजह से रुका हुआ है|  जिसकी वजह से यहाँ पर निर्माण कार्य नहीं हुआ है| यह मार्ग कई सालों से बहुत जर्जर पड़ा हुआ है| जिसकी वजह से अक्सर राहगीर दुर्घटना का शिकार होते रहे हैं| जांजगीर की ओर से राजधानी जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है| मिनटों का सफर तय करने में घंटो लग जाता है|

भारी वाहनों के लगातार चलने की वजह से रास्ते में बड़े-बड़े गड्डे बने हुए हैं| दो पहियाँ वाहन चालक धुल की वजह से दुर्घटना का शिकार होते रहते हैं| बरसात के दिनों में स्थिति और भी दयनीय हो जाती थी| इस मार्ग से रोजमर्रा के लिए पामगढ़ आने वाले स्कूल के बच्चे सहित अन्य कर्मचारियों की हालत पस्त हो जाती थी| आए दिन समाचार पत्रों में बाइक दुर्घटना में इनके घायल होने की खबर छपती रहती थी| बड़ी-बड़ी वाहन भी रास्ते में ख़राब होना आम बात थी|

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इन सभी समस्या को लेकर कोरोना काल से साल पहले ही भारी वाहन पर रोक लगा दिया गया था| लेकिन यह केवल कागज तक ही सीमित रहा| जिसकी खामयाजा इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को उठाना पड़ा है|

अब उन्ही खबरों का हवाला देते हुए फिर कलेक्टर ने 17 फरवरी 2023 को भारी वाहनों पर प्रतिबन्ध लगाया गया था| लेकिन इस बार भी इस आदेश का कही पालन नहीं किया गया|  बेधडक धड्ले से भारी वाहन चलते रहे| समाचार पत्रों में खबर छपने के बाद एक बार फिर इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा, तब जाकर मार्ग पर बेरियर लगा|

यहाँ बताना लाजमी होगा की डोंगाकोहरौद मार्ग बहुत ही जर्जर हो चूका है| इसे भी सुधार कार्य करना बहुत ही आवश्यक है, नहीं तो बरसात के समय में जानलेवा साबित हो सकती है|

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