छत्तीसगढ़ के माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 2008 में ली गई 12वीं बोर्ड की परीक्षा में गड़बड़ी कर प्रथम स्थान आने वाली छात्रा पोराबाई और उसके 3 सहयोगी फूल साय नृशी, एस, एल जाटव और दीपक जाटव को आज जांजगीर न्यायालय के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश जीआर पटेल ने 5 साल के कठोर सजा और 5000 का आर्थिक दंड लगाया है। न्यायाधीश की के फैसला सुनाने के बाद तीनों आरोपियों को जांजगीर जिला के खोखरा जेल में दाखिल कराया गया| जबकि पोराबाई को बिलासपुर महिला जेल भिजवाया गया है।
न्यायाधीश ने इस मामले को बहुत ही गंभीर माना है उन्होंने कहा की यह अपराध केवल माध्यमिक शिक्षा मंडल का नहीं बल्कि उन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है जिन्होंने कड़ी मेहनत कर परीक्षा दिलाया था।

आपको बता दें की जांजगीर जिला में 2008 सत्र के दौरान पूरे छत्तीसगढ़ में हड़कंप मचाने वाला मामला सामने आया था। जिसमें दलित वर्ग की छात्रा पोरा बाई ने जांजगीर जिला के बिर्रा स्कूल से 12 वीं बोर्ड की परीक्षा दिलाई थी | जिसके कुल 500 में 484 अंक लाकर छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। लेकिन अगली सुबह ने इस छात्रा के उत्तर पुस्तिका को खोलकर देखा गया तो पूरा मामला मंडल के सामने आ गया | जिसमें छात्रा के उत्तरपुस्तिका में लिखे गए शब्द एक जैसे नहीं थे | तब यह मामला पूरे छत्तीसगढ़ में छाया हुआ था। जिसके बाद माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने जांच शुरू कारवाई थी| बमनीडीह मे अपराध दर्ज हुआ. jmfc चांपा मे चालान पेश हुई| 2020 मे छुट गए थे | जिसका नतीजा आज देर शाम आया है।
