जांजगीर जिला के पामगढ़ में शनिवार की दोपहर हुए हृदयविदारक सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी| घटना से गुस्साएं लोगों ने बिलासपुर मुख्य मार्ग जाम कर दिया| जो रात 3 बजे भारी कसमकस के बाद खत्म हुआ| जिसके बाद रास्ता खोला गया|
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मिली जानकारी के अनुसार मृतक के परिजनों को लाफार्ज में किसी एक को नौकरी, वाहन मालिक की ओर से 2.50 लाख का मुआवजा और प्रशासन की तरफ से 75 हजार की राशि दी गई| परिजनों की मांग थी की सभी मृतकों को 20-20 लाख रुपए दी जाए | साथ ही मृतक के परिजनों को उनके योग्यता के बराबर नौकरी दी जाए| इसी बात को लेकर देर रात तक परिजन और प्रशासन सड़क पर बैठे रहे|
आपको बता दें की 3 साल की बच्ची आशा का जन्मदिन मनाने के लिए मामा चन्द्र कुमार, नाना रामकुमार और नानी सतरूपा एक बाइक में बैठकर परसदा से कोनारगढ़ आ रहे थे| वे दोपहर 12:30 बजे के आसपास बिलासपुर मुख्य मार्ग के पास पहुंचे थे की किसी भारी वाहन ने पीछे उनकी बाइक को रौंद दिया| जिससे पिता-पुत्र और नतनीन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई| जबकि सतरूप ठोकर से बाद दूर जा गिरी जिससे उसकी जान तो बच गई, लेकिन गंभीर चोट आई| राहगीरों की मदद से घटना की सूचना मुलमुला थाना में दी गई| जिसके बाद घायल महिला सहित सभी को पामगढ़ के स्वास्थ्य केंद्र लाया गया| डॉक्टरो ने तीनो की मृत घोषित कर दिया| जबकि घायल महिला को बिलासपुर रिफर कर दिया| सभी मृतकों की लाश को पामगढ़ के मरचुरी में रखा गया है|
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सतरूपा की मौत पर सस्पेंस बरक़रार
घटना में घायल महिला सतरूपा की मौत पर अभी सस्पेंस बरकरार है| हालांकि की सभी मीडिया में उनकी मौत की खबर आ रही है| लेकिन उनकी मौत की सही जानकारी अभी नहीं मिल पा रही है|रात में प्रशासन ने 25-25 के हिसाब से मुआवजा राशि 75 हजार रुपए दी है| इससे महिला की मौत पर सस्पेंस अभी भी बरकरार है|