बिलासपुर की नाबालिक लड़की को राजस्थान लेजाकर 2 लाख में बेचा, बड़ी मां की करतूत

JJohar36garh News|छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की 15 साल की लड़की को बेचकर मानव तस्करी करने वाले गैंग को पुलिस ने पकड़ा है। दरअसल, बच्ची को साथ रखने के बहाने उसकी बड़ी मां अपने साथ ले गई। फिर नागपुर में उसका फर्जी आधार कार्ड बनवाया और उसे बालिग बताकर दो लाख रुपए लेकर उसकी राजस्थान के अजमेर में शादी करा दी। पुलिस ने इस गिरोह में शामिल बड़ी मां के साथ ही शादी कराने वाले पंडित समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।

कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली 14 वर्षीय लड़की 17 नवंबर 2021 को गायब हो गई थी। इससे परेशान होकर उसके परिजनों ने पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस धारा 363 के तहत केस दर्ज कर जांच कर रही थी। इस दौरान परिजनों ने लड़की की बड़ी मां ज्योति गुप्ता उर्फ पायल पर उसे बहला कर ले जाने की आशंका जताई थी। घटना के बाद से पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी थी। लेकिन, उनका कुछ पता नहीं चला। जांच के दौरान पुलिस को ज्योति गुप्ता का मोबाइल नंबर भी मिला था। लेकिन, मोबाइल बंद मिल रहा था। इस दौरान मोबाइल कुछ समय के लिए चालू हुआ, तब उसका लोकेशन महाराष्ट्र के नागपुर में मिला। इसी आधार पर पुलिस की टीम नागपुर में उनकी तलाश कर रही थी।

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SP पारुल माथुर ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को नागपुर की रुकसार खान पिता सहादत खान (24 साल) और आकाश सिरवाते पिता ईश्वर सिरवाते (30 साल) की जानकारी मिली। उन्हें पकड़कर पूछताछ करने पर पता चला कि ऑटो चालक नीरज चापले पिता प्रकाश चापले (30 साल) ने ज्योति गुप्ता और नाबालिग लड़की को लेकर आया था। नीरज और ज्योति गुप्ता ने मिलकर लाभ कमाने के लिए नाबालिग को बालिग बताकर निकिता के नाम से फर्जी आधार कार्ड बना लिया। फिर सभी ने मिलकर दो लाख रुपए लेकर लड़की को अजमेर ले जाकर रतन प्रजापति से उसकी शादी करा दी। इस गिरोह में शादी कराने वाला जयपुर के नरेना थाना के छिर निवासी पं. नंदकिशोर शर्मा पिता विद्याधर (30 साल) भी शामिल था। पुलिस ने इन सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर नाबालिग लड़की को अजमेर से बरामद कर लिया। रतन प्रजापति इस मामले में फरार चल रहा है।

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पुलिस की जांच व पूछताछ में पता चला कि नाबालिग लड़की का शादी कराने के नाम पर पं. नंदकिशोर ने न सिर्फ रकम वसूली की। बल्कि, उसने नाबालिग के साथ जबरन दुष्कर्म भी किया। पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 363, 366 (क), 368, 370 (1), 376, 34 और पाक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।


कोतवाली CSP स्नेहिल साहू ने बताया कि मूलत: नागपुर की रहने वाली रुकसार की अजमेर में शादी हुई थी। उसका पति उसे प्रताड़ित करता था और जला दिया था। इसके चलते वह अपने मायके नागपुर में आकर रहने लगी थी। अजमेर के पं. नंदकिशोर से उसकी जान-पहचान थी। लिहाजा, उसने बच्ची की शादी कराने के लिए ज्योति के साथ मिलकर सौदा तय किया और रतन प्रजापति से उसकी शादी करा दी।


सिटी कोतवाली TI शीतर सिदार ने बताया कि नाबालिग के गायब होने के इस मामले में पुलिस जांजगीर-चांपा सहित छत्तीसगढ़ के कई शहरों में गई। लेकिन, ज्योति गुप्ता और लड़की का कुछ पता नहीं चला। बाद में मोबाइल नंबर मिलने पर उनके नागपुर में होने की बात सामने आई। पुलिस की टीम चार दिन तक नागपुर में रही, तब गिरोह का पता चला। किशोरी जब मिली, तब मानव तस्करी की बात सामने आई थी। लेकिन, यहां लाकर उसका बयान दर्ज किया गया, तब उसने शादी कराने की जानकारी दी। अब पुलिस उससे शादी करने वाले आरोपी रतन प्रजापति की तलाश कर रही है।

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