नया अविष्कार : 3 मिनट में जुड़ जाएगी टूटी हड्डी, 150 से ज्यादा मरीजों पर सफल परीक्षण, 1940 का प्रयास अब हुआ सफल

Bone Joining Glue: हड्डी टूटने पर अक्सर मरीजों को धातु की प्लेट और स्क्रू लगवाने पड़ते हैं. यह न सिर्फ समय लेने वाली प्रक्रिया है, बल्कि दूसरी सर्जरी का खतरा (Risk of surgery) भी बढ़ा देती हैलेकिन अब चीनी शोधकर्ताओं (Chinese Researchers) ने एक ऐसा मेडिकल ग्लू (Medical Glue) विकसित किया है, जो टूटी हुई हड्डी को सिर्फ 3 मिनट में जोड़ सकता है. झेजियांग प्रांत के वैज्ञानिकों ने इस बोन ग्लू का नाम “बोन-02 (Bone-02)” रखा है. इसे बनाने की प्रेरणा सीपों से मिली, जो पानी के नीचे भी पुलों से मजबूती से चिपके रहते हैं. इस तकनीक पर काम करके, विशेषज्ञों ने एक ऐसा चिपकने वाला पदार्थ तैयार किया है, जो खून से भरे वातावरण में भी तुरंत असर दिखाता है.

 

क्या है इस बोन ग्लू की खासियत?

इस ग्लू की खासियत यह है कि ये शरीर में अपने आप घुल जाता है और जैसे-जैसे हड्डी ठीक होती है, यह गायब भी हो जाता है. यानी मरीज को दूसरी सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती. अब तक 150 से ज्यादा मरीजों पर इसका सफल परीक्षण हो चुका है. जहां आमतौर पर प्लेट और स्क्रू लगाने में काफी समय लगता है, वहीं बोन-02 के साथ यह प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है.

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संक्रमण के जोखिम हो जाएंगे कम!

प्रयोगशाला परीक्षणों के अनुसार, यह गोंद 400 पाउंड से भी ज्यादा वजन वाली हड्डियों को जोड़ता है. इसकी अपरूपण शक्ति (Shear Strength) 0.5 MPa और संपीड़न शक्ति लगभग 10 MPa पाई गई है. विशेषज्ञों का मानना ​​है कि भविष्य में यह तकनीक धातु के प्रत्यारोपणों (Metal Implants) की जगह ले सकती है और संक्रमण या अस्वीकृति के जोखिम (Risks of Rejection) को भी कम कर सकती है.

1940 का प्रयास अब हुआ सफल

इससे पहले, 1940 के दशक में अस्थि गोंद (Bone Glue) बनाने का प्रयास किया गया था, लेकिन जैविक अनुकूलता (Biological Compatibility) के अभाव में इसे छोड़ दिया गया था. अब अगर आगे के नैदानिक ​​परीक्षण (Clinical Trials) सफल होते हैं, तो बोन-02 को आर्थोपेडिक उपचार (Orthopedic Treatment) में एक क्रांतिकारी कदम माना जाएगा.