बजट 2026: बायबैक टैक्स से कंपनियों को झटका, STT में बदलाव – क्या हुआ ऐलान?

नई दिल्ली
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sithraman) ने अपना 9वां लगातार बजट भाषण (Budget Speech) पूरा किया। इनकम टैक्स स्लैब में वित्त मंत्री ने कोई भी बदलाव नहीं किया है। इसके अलावा इनकम टैक्स एक्ट (IT Act 2025) एक अप्रैल 2025 से लागू होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका ऐलान बजट स्पीच में किया है।

बजट 2026 में टैक्स को लेकर क्या-क्या हुआ ऐलान?
1- आईटीआर टाइमलाइन – TR-1 और ITR-2 को फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई तक रहेगी।
2- रिवाइज्ड रिटर्न – अब 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल किया जा सकेगा। इसके लिए थोड़ा सा शुल्क देना होगा।
3- गलत जानकारी देने पर पेनाल्टी इनकम की गलत जानकारी देने पर पेनाल्टी को बढ़ाकर टैक्स की रकम का 100 प्रतिशत कर दिया गया है।
4- विदेशी संपत्तियों खुलासा योजना – छोटे टैक्स पेयर्स 6 महीने तक विदेशी संपत्तियों का खुलासा कर सकते हैं।
5- अचल संपत्तियों का भी खुलाजा जरूरी – अब अचल संपत्तियों का खुलासा ना करने पर जुर्माना लगेगा।
6- ओवरसीज टूर टीसीएस में कटौती – ओवरसीज टूर पैकेज पर लगने वाले टीसीएस को घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। पहले यह 5 प्रतिशत से 20 प्रतिशत था।
7- NRI के द्वारा प्रॉपर्टी बेचने पर – अब एनआरआई को अचल संपत्तियों की बिक्री पर टीडीएस लागू होगा।
8- शेयर बायबैक पर देना होगा टैक्स – अब शेयरों के बायबैक पर कैपिटल गेन्स पर टैक्स देना होगा। यह नियम सभी शेयरहोल्डर्स पर लागू होगा।
9- फ्यूचर एंड ऑप्शंस पर STT में इजाफा – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर एंड ऑप्शंस पर STT पर बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। फ्यूचर्स पर STT 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, ऑप्शंस पर STT को बढ़ाकर 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया है।

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बजट 2025 में हुए थे बड़े ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025 में 12.75 लाख रुपये की आय वाले लोगों को टैक्स फ्री कर दिया था। वित्त मंत्री ने तब ऐलान किया था जिनकी आय 12 लाख रुपये तक है उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा। 75000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को जोड़ लें तो यह छूट 12.75 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।

बायबैक पर लगेगा कैपिटल गेन्स टैक्स
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि बायबैक अब कैपिटल गेन्स के दायरे में आएगा। यह सभी कैटगरी के शेयरहोल्डर्स पर लागू होगा।

31 मार्च तक फाइल किया जा सकेगा रिवाइज्ड आईटीआर
कोई भी कर दाता अब 31 मार्च तक थोड़े से शुल्क के साथ रिवाइज्ड आईटीआर फाइल किया जा सकेगा – वित्त मंत्री

इन विदेशी कंपनियों को बड़ा तोहफा
 केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंडियन कंपनियों को क्लाउड सर्विसेज प्रदान करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए वित्त वर्ष 2047 तक टैक्स हॉलीडे का ऐलान किया गया है।

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आ गया है नया आयकर कानून
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट स्पीच में कहा कि नया आयकर कानून इस वर्ष एक अप्रैल से लागू होगा।

क्या होम लोन की छूट होगी न्यू टैक्स रिजीम में शामिल?
 मौजूदा समय में न्यू टैक्स रिजीम में किसी भी निवेश से पर कोई छूट नहीं मिलती है। मिडिल क्लास ओल्ड टैक्स रिजीम की तरह न्यू टैक्स रिजीम में भी होम लोन के ब्याज दरों पर टैक्स में छूट की डिमांड कर रहा है।

ओल्ड टैक्स रिजीम या न्यू टैक्स रिजीम
 पुरानी कर व्यवस्था में जहां कुछ ही टैक्स स्लैब हैं। तो वहीं नई कर व्यवस्था में अधिक स्लैब बनाए गए हैं। न्यू टैक्स रिजीम के जरिए कोई भी टैक्सपेयर्स 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई भी टैक्स नहीं देगा। इस कर प्रणाली में डायरेक्ट छूट मिलती है। वहीं, ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत टैक्सपेयर्स को अलग-अलग इंवेस्टमेंट के जरिए छूट प्राप्त कर सकते हैं।

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कम होगा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स?
मौजूदा समय में जब अब इक्विटी शेयर्स या म्यूचुल फंड्स को 12 महीने से पहले बेचते हैं तो 20 प्रतिशत का टैक्स देना पड़ता है। इसे ही शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स कहा जाता है। देखना है कि क्या बजट 2026 में इसको लेकर कोई बदलाव देखने को मिलता है या नहीं?

क्या है इनकम टैक्स एक्स का सेक्शन 54
अगर कोई टैक्सपेयर्स पुराना घर बेचकर नया घर अगले दो साल में बनाता है या फिर खरीदता है तो उसे इनकम टैक्स एक्ट 54 के तहत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में छूट मिलती है। मौजूदा समय में यह छूट 10 करोड़ रुपये के रिइंवेस्टमेंट तक मिलता है।