वैष्णो देवी भवन में कैमरा प्रतिबंधित, फिर अंदर का वीडियो कैसे बना? शिखा पर FIR दर्ज

जम्मू
 जम्मू-कश्मीर के कटड़ा में स्थित माता वैष्णो देवी का भवन देश के सबसे सुरक्षित और संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक है. लेकिन हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर ने इस अभेद्य किले जैसी सुरक्षा को चुनौती दे दी है. शिखा नाम की एक कंटेंट क्रिएटर ने माता वैष्णो देवी भवन के अंदर का वीडियो शूट किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह वीडियो किसी मोबाइल से नहीं, बल्कि एक आधुनिक कैमरा वाले चश्मे (Spy Camera Glasses) से बनाया गया है. इस घटना ने श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

वीवीआईपी (VVIP) को भी नहीं अंदर फोटो खींचने की इजाजत

माता वैष्णो देवी की पवित्र तीनों पिंडियों के दर्शन के लिए प्रधानमंत्री से लेकर देश के बड़े से बड़े दिग्गज नेता और फिल्मी हस्तियां पहुंचती हैं. लेकिन सुरक्षा और मर्यादा के नियमों के कारण किसी को भी भवन के अंदर मोबाइल या कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं होती. श्राइन बोर्ड के सख्त निर्देशों के मुताबिक भवन परिसर में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसके बावजूद एक आम कंटेंट क्रिएटर का कैमरा लेकर वहां तक पहुंच जाना यह बताता है कि चेकिंग के दौरान कितनी बड़ी लापरवाही हुई है.

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कैमरा वाले चश्मे ने कैसे दी सुरक्षा घेरे को मात?

वायरल वीडियो में भवन के अंदर के दृश्य साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं. कंटेंट क्रिएटर ने चालाकी दिखाते हुए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया. उसने अपनी आंखों पर कैमरा वाला चश्मा पहन रखा था, जिसे सामान्य चश्मा समझकर सुरक्षाकर्मियों ने नजरअंदाज कर दिया. वीडियो वायरल होने के बाद जब सोशल मीडिया पर बवाल मचा, तो शिखा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से उस वीडियो को डिलीट कर दिया. हालांकि तब तक यह वीडियो हजारों बार देखा जा चुका था और सुरक्षा में लगी सेंध उजागर हो चुकी थी.

श्राइन बोर्ड का एक्शन और एफआईआर (FIR) की कार्रवाई

इस गंभीर चूक पर प्रतिक्रिया देते हुए माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाया है. बोर्ड ने साफ कहा है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस जांच शुरू हो चुकी है. श्राइन बोर्ड इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इस हरकत में बोर्ड के किसी कर्मचारी की मिलीभगत थी. बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी इसमें संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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