छत्तीसगढ़ के सीनियर आईपीईएस अधिकारी के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज

JJohar36garh News|छत्तीसगढ़ में सीनियर आईपीईएस जीपी सिंह के खिलाफ गुरुवार देर रात राजद्रोह का केस दर्ज की गई है. एसीबी ईओडब्ल्यू की दबिश में मिली चिट्ठियों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है.

चिट्ठी में जो बातें लिखी गई है उसे पुलिस ने सरकार के खिलाफ षड्यंत्र माना है. इसके बाद एसीबी की लिखित शिकायत पर देर रात एफआईआर दर्ज की गई है. सिटी कोतवाली पुलिस थाना में IPC की धारा 124-A, 153-A के तहत अपराध दर्ज की गई है.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में भारतीय सेवा यानी आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के किसी अधिकारी के खिलाफ राजद्रोह का यह पहला मामला दर्ज हुआ है. इससे पहले भारतीय सेवा के किसी अधिकारी पर यह केस दर्ज नहीं किया गया है.

एसीबी की टीम ने एक जुलाई को बेनामी संपत्ति की जांच के लिए एडीजी जीपी सिंह के पुलिस लाइन स्थित सरकारी बंगले सहित 15 ठिकानों में छापेमारी की थी.  यहां जांच के दौरान एसीबी की टीम को उनकी 10 करोड़ अनुपातहीन संपत्ति का पता चला था.  साथ ही बंगले के पीछे गटर से डायरी और कुछ फटे हुए पन्ने मिले. एक दर्जन पेन ड्राइव भी बरामद किये गए. डायरी के पन्नों और पेन ड्राइव से निकाले गए दस्तावेज से सरकारी विरोधी गतिविधियों के संकेत मिले थे. एसीबी ने इसे पुलिस को सौंप दिया था. इसी को साक्ष्य मानते हुए जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया गया.

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पहले दिन की कार्रवाई में ACB को ADG GP सिंह के घर से बेशुमार दौलत के दस्तावेज मिले थे. 75 से अधिक बीमा पॉलिसी, बैंकों में जमा 1 करोड़ रुपए की गिनती, कई मकानों, जमीनों में निवेश के कागज भी मिले हैं. ACB को GP सिंह के घर से बैंकों में बेहिसाब खातों के पासबुक मिले हैं. इतना ही नहीं GP सिंह के घर से डेढ़ करोड रुपये के म्यूच्यूअल फंड और शेयर के इन्वेस्टमेंट के दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं. ACB के मुताबिक फंड्स और शेयर के दस्तावेज में रकम कई करोड़ रुपए तक पहुंचने की जानकारी है. ओडिशा में संपत्ति, कंस्ट्रक्शन के काम में इस्तेमाल होने वाले आधा दर्जन वाहन, कई बैंक अकाउंट्स, 75 से अधिक बीमा पॉलिसी के सबूत मिले थे. इन सबूतों के आधार पर छत्तीसगढ़ गृह विभाग ने 5 जुलाई को जीपी सिंह को निलंबित कर दिया.

बता दें कि गुरुवार सुबह 6 बजे ACB और EOW की जांच टीम जीपी सिंह के सरकारी बंगले में दाखिल हुई थी. करीब 75 घंटे की छापेमार कार्रवाई में करोड़ों रुपये बरामद किए गए. ACB की टीम ने GP सिंह पर धारा 13 (1)बी, 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम यथा संशोधित 2018 के तहत केस पंजीबद्ध किया था. इसके बाद जीपी सिंह के काली कमाई का परत दर परत खुलासा होते गए. एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम उन खातों की लिस्टिंग, पैसा कहां से आया किसने दिया, इन पहलुओं की जांच की. अब ये सारे दस्तावेज करोड़ों रुपये के काली कमाई की सबूत दे रहे हैं.

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