कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल में तांत्रिक बनकर घर में धन गड़े होने का झांसा देकर चार लाख रुपये के जेवर लेकर दो ठग फरार हो गए। ठगी होने का एहसास होने के बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस थाना दुर्गूकोंदल में दर्ज कराई है।
पुलिस ने मामले में आरोपित ठगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्गूकोंदल बाजारपारा निवासी हरेश जैन (37) के घर 13 जून 2022 को महाराष्ट्र की ओर से आयुर्वेदिक तेल बेचने वाला एक व्यक्ति आया था। जिससे परिवार के सदस्यों ने घर की समस्या पर बातचीत कर रहे थे। तो उसने बताया कि मैं एक तांत्रिक को जानता हूं और घर की समस्या को हल कर सकता हूं और वह व्यक्ति अपने मोबाइल से हरेश जैन से बात कराया।
घर में परिवार के सदस्यों की तबियत खराब होना और कई प्रकार की समस्या आने के बारें में तांत्रिक को बताने पर उसने अपने चेले युवराज सोलंकी को हरेश जैन के घर भेजने की बात कही। 14 जून को तांत्रिक का शिष्य हरेश जैन के घर पहुंचा, जिसने अपना नाम युवराज सोलंकी उर्फ गिरी गोस्वामी बताया। तांत्रिक का शिष्य युवराज उर्फ गिरी गोस्वामी पूजा-पाठ करके जांच किया और बताया कि आपके घर में धन गड़ा हैं। जिसे निकालने पर सभी परेशानी दूर हो जायेगी।
गड़े हुए धन को निकालने के लिए कुछ सामान का लिस्ट दिया। जिसे राजनांदगांव व अन्य जगहों से लगभग 40,000 रूपये में खरीदकर लाए। 17 जून की सुबह आठ बजे युवराज गिरी गोस्वामी काले रंग का सोल्ड पल्सर मोटर सायकल से तांत्रिक को साथ लेकर हरेश जैन के घर पहुंचा। तांत्रिक बाबा ने अपना नाम किशोर राठौर निवासी बुटीबोरी जिला नागपुर का होना बताया। तांत्रिक ने हरेश और उसके दामाद मोहन लाल पाण्डे के परिवार को बुलाया और पूजा पाठ करके बताया कि घर में धन गड़ा हुआ है, जिसके कारण परेशानी हो रही है। तांत्रिक ने कमरे के अंदर बिछें फर्श पत्थर को हटाकर जमीन में गड्ढा कराया और परिवार के सभी सदस्यों को घर से बाहर जाने के लिए कहा।
कुछ देर बाद बुलाकर गड्ढे में हाथ डालकर हरेश की पत्नी सीमा जैन को सामान निकालने को कहा। सीमा जैन ने गढ्ढें के अन्दर हाथ डालकर एक कलश निकाली जिसमें भगवान की मुर्तियां सोने के रंग में थी। उन मुर्तियों को कलश समेत घर की आलमारी के लाकर में रखकर ताला लगा दिया और चाबी तांत्रिक ने अपने पास रख लिया। तांत्रिक ने जमीन के अन्दर निकले मुर्ति की कीमत एक करोड़ साठ लाख बताया और आलमारी ना खोलने को कहा और जाते-जाते पूजा में इस्तमाल कांसा का लोटा दो नग, कांसा की थाली दो नग कीमती पांच हजार रूपये, एक मुर्गा को अपने साथ ले गया।
तांत्रिक ने 18 जून को हरेश जैन को फोन करके बोला कि जो सामान जमीन में गड़ा है, उसको निकालने के लिए चार लाख रुपये का दवाई लगेगा। तांत्रिक ने दवाई लेकर आदमी भेजने और उसे दवाई का पैसा देने की बात हरेश से कही। जिससे हरेश जैन और उसके परिवार के सदस्यों को शक हुआ कि यह तांत्रिक उन्हें बेवकूफ बना रहा है। जिस पर उन्होंने घर में रखें और गाड़े हुए सोने को खोदकर देखा तो वहां पर सोने के जेवर नहीं थे। आलमारी के कलश में भी सोना पालिश चढ़ा छोटी-छोटी मुर्तियां थी। जिसके बाद हरेश जैन ने पुलिस थाना दुर्गूकोंदल पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।
तांत्रिक ने हरेश जैन व उसके परिवार के सदस्यों को गड़ा हुआ सोना निकालने का झांसा दिया। उसने बताया कि जितना अधिक वजन सोना जमीन में रखोगे, उतना ही अधिक सोना मिलेगा। जिस पर उन्होंने सीमा जैन का एक मंगलसूत्र, कान का एक जोड़ी झूमका, हरेश की मां मीना जैन का सोने का पुराना एक मंगलसूत्र, कान के झुमके की एक चैन, बहन किरण पाण्डे का एक सोने का हार, कान की एक जोड़ी बाली, एक मंगलसूत्र को गड्ढे में डाला था, जिसे तांत्रिक लेकर फरार हो गया, जेवर कुल कीमत लगभग चार लाख रुपये बताई जा रही है।