Janjgir : टनल के रस्ते में चट्टान बना रोड़ा, कैटरपिलर से तोड़ा जा रहा पत्थर, डटे हुए हैं 500 से ज्यादा अफसर

गांव में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। प्रशासन द्वारा सक्रियता के साथ रेस्क्यू किया जा रहा है। लगभग 60 फिट गढ्ढे से ऊपर चढ़ने के लिए मशक्कत के साथ रैंप जैसा बनाया जा रहा है। ताकि बोरवेल से बाहर निकालने और बोरवेल तक ड्रिलिंग करने टीम पहुच सके।बोरवेल में पानी का रिसाव हो रहा है, जिसे छोटी बाल्टी के निकालने का कार्य किया जा रहा है | बच्चे तक खाने-पीने की सामग्रियां पहुंचाई जा रही है | केला और सेव दिए गए है | कुछ देर पहले बच्चे ने सेव खाया है |टनल बनाने के लिए कोरबा से स्टील पाइप मौके पर पहुंच चुकी है |

बोरवेल तक सुरंग तैयार करने रिस्क नही लिया जा रहा है। क्योंकि टेक्निकल एक्सपर्ट के मशविरा के पश्चात पाइप को वेल्डिंग करके सुरंग में सपोर्ट के लिए रखा जाएगा। गढ्ढे में ऑक्सीजन सिलेंडर सहित अन्य जरूरी सुविधाएं पहुचाने के साथ ही आगे कोई स्टेप उठाया जाएगा। बड़ी ड्रिलिंग मशीन कैटरपिलर से पत्थरों को तोड़कर बाहर निकाला जा रहा है। रेस्क्यू में अभी भी 4 से 5 घण्टे लगने की संभावना है। क्योंकि सुरंग बनाने का काम शुरू नही हो सका है।

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राहुल को बचाने राज्य सरकार ने बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। इस ऑपरेशन में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ ही सेना की भी मदद ली जा रही है। राज्य के पांच आईएएस, दो आईपीएस समेत विभिन्न विभागों के 500 से ज्यादा अफसर और कर्मचारी दिन रात एक किए हुए हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर पिछले 24 घंटे से अधिक समय से घटना स्थल पर कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला और एसपी विजय अग्रवाल डटे हुए हैं। बच्चे को बचाने के लिए बोरवेल के समानांतर खोदे जा रहे गडढ़े में कलेक्टर और एसपी खुद उतरकर कर्मचारियों को निर्देश दे रहे हैं

उसको निकालने सुरंग खोदी जा रही है। इसके लिए एक स्टोन ब्रेकर, तीन पोकलेन, 3 जेसीबी, 3 हाइवा, 10 ट्रैक्टर, तीन वाटर टैंकर, 2 डीजल टैंकर, 1 हाइड्रा, 1 फायर ब्रिगेड, 1 ट्रांसपोर्टिंग ट्रेलर, तीन पिकअप, 1 होरिजेंटल ट्रंक मेकर और 2 जेनरेटर का उपयोग किया जा रहा है। दो एम्बुलेंस भी तैनात किया गया है।


रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना के मेजर गौतम सूरी के साथ ही चार सदस्यीय टीम भी जुटी हुई है। इसके अलावा 4 आईएएस, 2 आईपीएस, 5 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 4 एसडीओपी, 5 तहसीलदार, 8 टीआई और 120 पुलिसकर्मी ईई (पीडब्ल्यूडी), ईई (पीएचई), सीएमएचओ, 1 सहायक खनिज अधिकारी, एनडीआरएफ के 32, एसडीआरएफ से 15 स्टाफ व होमगार्ड्स मौजूद हैं।

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