पंजाब के बठिंडा जिले के रामपुरा फूल इलाके में दो मासूम बच्चों की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। महज 15 दिन के भीतर 12 साल की बेटी और 7 साल के बेटे की मौत के बाद जब गांव में शक गहराया तो पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस का दावा है कि दोनों बच्चों की मौत के पीछे उनकी अपनी मां जस्सी कौर का हाथ है, जिसने कथित रूप से अपने प्रेम संबंधों में बाधा बन रहे बेटे-बेटी को ‘स्लो पॉयजन’ यानी चूहे मार दवा देकर मौत के घाट उतार दिया।
घटना की शुरुआत करीब दो सप्ताह पहले हुई, जब 12 वर्षीय लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उस समय परिवार ने किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराई और बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मामला शांत ही था कि शुक्रवार रात उसी परिवार के 7 वर्षीय बेटे फतेहवीर की भी अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। दो बच्चों की कम समय में हुई मौत ने ग्रामीणों को झकझोर दिया और शक की सुई सीधे मां की ओर घूमने लगी।
शनिवार सुबह गांव के सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण फूल थाने पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि दोनों घटनाओं के समय घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था और मां का व्यवहार भी संदिग्ध था। ग्रामीणों के दबाव और परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी महिला का पड़ोसी गांव महाराज के एक व्यक्ति के साथ कथित अवैध संबंध था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला इन संबंधों को आगे बढ़ाना चाहती थी, लेकिन दोनों बच्चे उसके लिए “रुकावट” बन रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला ने पहले बेटी को धीरे-धीरे जहर दिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ी और बाद में मौत हो गई। उस समय इसे सामान्य बीमारी मान लिया गया। इसके बाद कुछ दिनों के अंतराल पर बेटे को भी उसी तरह जहर दिया गया, जिससे उसकी भी मौत हो गई।
एसपी (डी) जस्मीत सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में मां की भूमिका की पुष्टि हुई है और दोनों बच्चों को अलग-अलग दिनों में जहरीला पदार्थ दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी महिला के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस अपराध में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या महिला ने यह वारदात अकेले अंजाम दी।
घटना के बाद गांव में मातम और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस मां को बच्चों की सबसे बड़ी सुरक्षा माना जाता है, उसी पर इस तरह का आरोप लगना समाज के लिए बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है। लोग बच्चों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की बात कह रहे हैं।
पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले को मजबूत करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर दहशत और आक्रोश का माहौल है, वहीं पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।