चिराऊ के वेतन विसंगति एवं नियमितीकरण करने स्वास्थ्य मंत्री से की मांग

Johar36garh (Web Desk)| वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से संक्रमण काल में कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहे चिरायु के समस्त स्वास्थ्य अधिकारी/कर्मचारी ने स्वास्थ्य मंत्री से समान कार्य समान वेतन एवं नियमितीकरण की मांग की है। यह सभी अधिकारी कर्मचारी पूरे प्रदेश में सभी जिले में पदस्थ हैं।
जिला जांजगीर चांपा के अध्यक्ष डॉ दयामणि साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया की जहां आज संपूर्ण विश्व covid 19 वैश्विक महामारी से लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के अन्य नियमित कर्मचारियों के साथ लगातार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के समस्त अधिकारी कर्मचार  प्रदेश में पदस्थ लगभग! दो हजार एवं  जांजगीर जिले में लगभग 120 लोग। को रोना योद्धा के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं। इनकी ड्यूटी फीवर क्लीनिक। सामान्य ओपीडी! कॉरोटिने सेंटरों में स्क्रीनिंग! रेलवे स्टेशनों में प्रवासी मजदूरों का स्क्रीनिंग। रैपिड टेस्ट में ड्यूटी! आरटी पीसीआर में ड्यूटी। रैपिड रिस्पांस टीम। एवं। कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम में 24 घंटे अपनी जान से खेल कर मरीजों की सेवा कर रहे हैं। जान का खतरा चिरायु के समस्त अधिकारी कर्मचारी पर बना हुआ है।
जिन सभी कारणों से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के समस्त अधिकारी कर्मचारी द्वारा विगत कई वर्षों से लगातार सरकार से अपने वेतन विसंगति और नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। जिसके लिए सरकार पहले भी आश्वासन दे चुकी है। परंतु आज दिनांक तक हमारी मांग पूरी नहीं हो पाई है। जो कि समस्त अधिकारी कर्मचारी के मनोबल पर गहरा आघात पहुंचाने के समान है।
इस तथ्य पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अनुराग साहू। जिला  जांजगीर चांपा के अध्यक्ष डॉ दयामणि साहू। जिला सलाहकार डॉ मंजू राठौर। एवं कार्यकारिणी अध्यक्ष श्री नितेश कौशिक का कहना है कि हमारी मांगों में जल्द से जल्द विचार नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के समस्त स्वास्थ्य अधिकारी /कर्मचारी सामूहिक इस्तीफा एवं आंदोलन के लिए। मजबूर होंगे। जिसके कारण। स्वास्थ विभाग में कोई भी विकट परिस्थिति पैदा होती है तो सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी।

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