जयपुर
जयपुर में विदेशी महिला और बाइक सवार युवती से सरेआम छेड़छाड़ जैसी घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने गृह विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब पौने पांच घंटे की लंबी मैराथन बैठक की। इस अहम बैठक में एसपी,आईजी और एडीजी स्तर के अधिकारी शामिल हुए, जबकि कई जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार का अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर पूरी दृढ़ता से काम कर रही है। उन्होंने माना कि पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न श्रेणियों के अपराधों में कमी आई है, लेकिन इसे और कम करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधियों में कानून का भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा पैदा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जिलों के एसपी को नियमित जनसुनवाई करने के निर्देश दिए और आईजी स्तर पर भी जनसुनवाई को अनिवार्य बनाने की बात कही। अधिकारियों को जिलों का प्रभारी बनाकर वहां जाकर अपराधों की समीक्षा करने, अपराध की प्रकृति को समझने और उसे नियंत्रित करने की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। विभिन्न श्रेणियों के अपराधों की मासिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि किस जिले में किस तरह का अपराध बढ़ रहा है या घट रहा है।
बैठक में साइबर अपराध, नशा तस्करी और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। सभी अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य दिए गए हैं और हर स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राजस्थान की जनता को सुरक्षित वातावरण देने का वादा हर हाल में पूरा किया जाएगा।