कोरबा : स्टेशन की बजाय कोयला खदान मेमू ट्रेन, सहमे यात्री, समय रहते रोका पायलट ने, सिग्नल देने में हुई चूक

स्टेशन की बजाय कोयला खदान मेमू ट्रेन, सहमे यात्री, समय रहते रोका पायलट ने, सिग्नल देने में हुई चूक : बिलासपुर से यात्रियों को लेकर आ रही मेमू ट्रेन शनिवार को कोरबा से रवाना हो कर गेवरा रोड स्टेशन की बजाय एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र की न्यू कुसमुंडा रेलवे साइडिंग में जा पहुंची। यह तो अच्छा हुआ कि लोको पायलट सतर्क था और उसने मेमू सवारी गाड़ी को सही समय पर रोक लिया। इस बीच अपने आपको स्टेशन की बजाय कोयला साइडिंग पर देखकर यात्री भी सहम गए। रेल प्रबंधन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। बताया जा रहा है कि सिग्नल देने में चूक के कारण ऐसा हुआ है, हालांकि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

 

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मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को सुबह 10 बजे की मेमू लोकल बिलासपुर से छूटकर सुबह करीब साढ़े 11 बजे कोरबा पहुंचती है और कोरबा से गेवरा के लिए रवाना होती। यही ट्रेन गेवरा से 01:10 बजे छूटकर कोरबा आती है और कोरबा से दोपहर 1:30 बजे बिलासपुर के लिए रवाना होती है। शनिवार की सुबह जब यह ट्रेन कोरबा से गेवरारोड रेलवे स्टेशन के लिए निकली, तो गेवरा स्टेशन की बजाय कमका साइडिंग (न्यू कुसमुंडा कोल लोडिंग प्वाइंट) में घुस गई। कोरबा व गेवरा स्टेशन के बीच न्यू कुसमुंडा साइडिंग को ही कमका साइडिंग कहा जाता है, जहां कुल 11 रेल लाइन है। यहां साइलो (सेलो) के माध्यम से मालगाड़ियों में कोयला लदान होता है।

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अचानक रेलवे स्टेशन की बजाय कोयला साइडिंग में ट्रेन के घुस आने से महकमे में हड़कंप मच गई और जानकारी होने पर आला अफसर हरकत में आए। इस घटना के लिए फिलहाल एक स्टेशन मास्टर को सस्पेंड करने की खबर आ रही है, पर वह किस जगह पदस्थ रहे, इसकी जानकारी नहीं मिली है। घटना और निलंबन की कार्यवाही की पुष्टि के लिए रेलवे डीसीएम अनुराग कुमार सिंह और सीपीआरओ बिलासपुर को काॅल किया गया, पर उनसे संपर्क नहीं हो सका।

 

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