छत्तीसगढ़ के नवीन जिला शक्ति में सामाजिक परंपरा को दरकिनार करते हुए पांच बेटियों ने अपने पिता को मुखाग्नि दी है। धीरे-धीरे यह मान्यता की पुत्र द्वारा ही मुखाग्नि दी जाती है यह परंपरा टूटती जा रही है।
दरअसल सक्ती अंर्तगत डभरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बघौद में विष्णु प्रसाद बंजारे का आकस्मिक निधन हो गया। जिनका अंतिम संस्कार ग्यारह मार्च को किया गया। आपको बता दे की विष्णु प्रसाद बंजारे सामाजिक कार्यकर्ता एवम स्वर्गीय युद्धवीर सिंह जूदेव के पूर्व मीडिया प्रभारी भानू बंजारे के दादा थे। चूंकि विष्णु प्रसाद बंजारे के कोई बेटा नही होने के कारण सामाजिक रीति रिवाज को दरकिनार करते हुए समाज के लोगो को समझाकर भानू बंजारे के द्वारा विष्णु प्रसाद बंजारे के पांचों बेटी जिसमें जयकुमारी, ललिता, फुलकुमारी, रंजिता एवम यशिका के द्वारा मृतात्मा को मुखाग्नि दिलवाया गया।
यह क्षेत्र में पहला मामला है। जिसमे बेटियो ने अपने पिता का अंतिम संस्कार किया ।,,यह निश्चित तौर पर डभरा ब्लॉक के लिए एक उदाहरण साबित होगा । यूं तो बेटा बेटी एक समान का नारा सभी लगाते है लेकिन यह यथार्थ में नही होता,, भानू बंजारे द्वारा उठाये गया यह कदम सराहनीय है, और लोगो के लिए एक प्रेरणा है ताकि लोग बेटा बेटी को एक समान समझे और उनको समानता का अधिकार दे।
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