हल्दीराम पर उपभोक्ता फोरम की कार्रवाई, कम वजन वाले नमकीन पैकेट पर 1 लाख रुपये का जुर्माना

उमरिया

जागो ग्राहक जागो नारा आपने कई बार सुना होगा, आज हम आपको एक ऐसी खबर बताने जा रहे हैं जो जागरूकता और आपके जेब की सेहत से जुड़ी है, मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में उपभोक्ता न्यायालय ने देश की नामचीन पैकेजिंग फूड कंपनी हल्दीराम के ऊपर एक लाख की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।

दरअसल पूरा मामला नगर के एक उपभोक्ता कैंप निवासी राकेश दर्दवंशी से जुड़ा है जिसने उमरिया के एक दुकानदार से हल्दीराम नमकीन की 400 ग्राम का पैकेट खरीदा जिसमे मात्रा में कमी का अंदेशा हुआ और उसने उसका वजन कराया तो पैकेट में दर्ज 400 ग्राम की अपेक्षा नमकीन की मात्रा महज 333 ग्राम मिली।

नमकीन कम निकलने पर ग्राहक ने दुकानदार, हल्दीराम कंपनी के डीलर और कंपनी को मेल कर जानकारी दी और कार्यवाही की मांग की लेकिन सबने चुप्पी साध ली,लेकिन ग्राहक ने हार नहीं मानी और खरीदी के बिल सहित शिकायतों के सभी दस्तावेज लेकर अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपभोक्ता कोर्ट पहुंच गया।

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उपभोक्ता फोरम में महीनों सुनवाई के बाद न्यायालय ने कंपनी के ऊपर जो फैसला दिया वह हर नजीर बन गया है और हर ग्राहक को जागरूक करने वाला है, उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष ने फैसले में हल्दीराम कंपनी नागपुर को अनुचित व्यापार प्रथा का दोषी माना और पैकेट में दर्ज बैच नंबर के आधार पर देश भर के 24230 उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का करना माना,और एक लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देने का फैसला दिया है।

शिकायतकर्ता ने पूरी राशि को कर दिया दान 

इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि ग्राहक ने क्षतिपूर्ति की रकम जो उसे हासिल होनी थी उसे लेने से इनकार करते हुए किसी सामाजिक संस्था को दान देने का लिखित आवेदन किया जिसके बाद न्यायालय ने अपने आदेश में क्षतिपूर्ति की राशि वृद्धाश्रम को को दान करने का आदेश पारित किया गया।

फैसला आम नागरिक के लिए एक संदेश

उमरिया में उपभोक्ता की जागरूकता ने एक बड़ी कंपनी की चोरी को पकड़ा और उसे उचित सजा दिलवाने तक लड़ाई लड़ी इस देश के हरेक आम नागरिक के लिए एक संदेश है कि कंपनियों द्वारा बाजार में बेचे जाने जाने वाले किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता को जांच परख कर ले ताकि किसी प्रकार की चोरी का शिकार होने से बचे रहें।

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