एक बार करें खेती और 50 सालों तक कमाए, खुले बाज़ार में भी बिकती है अधिक कीमत पर

एक बार करें खेती और 50 सालों तक कमाए : एक वक्त था जब बादाम की खेती सिर्फ जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे ठंडे पर्वतीय इलाकों में होती थी, लेकिन अब मैदानी जगहों पर भी इसकी खेती होने लगी है। इसकी वजह है बदलती हुई तकनीक, जिसके चलते उन्नत किस्म के बीज विकसित हो गए हैं। वहीं दूसरी ओर बादाम की मांग भी पहले की तुलना में बढ़ी है, क्योंकि लोग इससे स्वास्थ्य को होने वाले फायदों के बारे में पहले से अधिक जानने लगे हैं। ऐसे में किसान बादाम की खेती के जरिए मालामाल हो सकते हैं।

 

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एक बार करें खेती और 50 सालों तक कमाए : बादाम की खेती 7 डिग्री से 25 डिग्री तक की जलवायु वाले इलाकों में आसानी से की जा सकती है। इसकी खेती के लिए समतल, बलुई, दोमट चिकनी मिट्टी और गहरी उपजाऊ मिट्टी की जरूरत होती है। रोपाई से पहले इसके लिए खड्डे तैयार किए जाते हैं। उनमें ढेर सारी गोबर की खाद और केंचुए की खाद डाली जाती है। पौधे से पौधे की दूरी 5-6 मीटर होनी चाहिए। बादाम की कुछ व्यावसायिक किस्मों में नॉन-पैरिल, कैलिफ़ोर्निया पेपर शेल, मर्सिड, आईएक्सएल, शालीमार, मखदूम, वारिस, प्रणयज, प्लस अल्ट्रा, प्रिमोर्स्कीज, पीयरलेस, कार्मेल, थॉम्पसन, प्राइस, बट्टे, मोंटेरे, रूबी, फ्रिट्ज, सोनोरा, पाद्रे शामिल हैं।
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इसके स्वास्थ्य फायदों के बारे में भी जान लें

एक बार करें खेती और 50 सालों तक कमाए : भारत में बादाम के गिरी को खूब पसंद किया जाता है। खास तौर पर ज्यादा पोषक और औषधीय गुणों से भरपूर होने की वजह से। इसकी मांग दवाइयों और सौंदर्य सामग्री में इस्तेमाल के लिए भी होती है। बादाम खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार साबित होता है। इससे दिल के दौरे का जोखिम भी कम होता है। इतना ही नहीं, बादाम खाने से दिमाग भी तेज होता है। साथ ही बादाम दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।

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बादाम की खेती में ध्यान रखें ये बातें

  • अगर आप बहुत अच्छी पैदावार चाहते हैं तो इसके साथ ही मधुमक्खी पालन भी करें, जो आपके पौधों में परागण को बढ़ाएंगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा।
  • बादाम की खेती करने से पहले कृषि विशेषज्ञ से अपनी अपनी मिट्टी की जांच करवा लें और साथ ही जलवायु के हिसाब से ये भी पता कर लें कि किस किस्म के बादाम उगाने चाहिए। अलग-अलग जलवायु के हिसाब से अलग-अलग किस्म होती है। गलत किस्म लगाने से उत्पादन पर असर पड़ता है।
  • गर्मियों में हर 10 दिन में सिंचाई करनी चाहिए, जबकि ठंड में 20-25 दिन में सिंचाई करनी चाहिए।
  • बादाम के पौधों को हवा से बचाने के लिए उसे बांस से सहारा देना चाहिए।
  • बादाम की खेती के साथ-साथ अन्य तरह की सब्जियां भी उगाई जा सकती हैं।
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बादाम की खेती से कितना मुनाफा?

एक बार करें खेती और 50 सालों तक कमाए : वैसे तो बादाम का पेड़ 3-4 साल में फल देने लगता है, लेकिन पूरी क्षमता से फल देने में बादाम के पेड़ को करीब 6 साल लग जाते हैं। अच्छी बात ये है कि बादाम के पेड़ एक बार लगाने के बाद 50 साल तक फल देते रह सकते हैं। अलग-अलग किस्म के हिसाब से अलग-अलग उत्पादन मिलता है, इसलिए मुनाफा भी कम-ज्यादा हो सकता है। बाजार में बादाम का भाव 600 रुपए से 1000 रुपए प्रति किलोग्राम है। एक पेड़ से 2-2.5 किलो सूखे बादाम हर साल मिलते हैं। यानी आपको पहली बार खेती में खर्च करना होगा और फिर उसके बाद बस रख-रखाव करते रहें और फायदा कमाते रहें। वहीं बादाम के खेत में अन्य सब्जियों की खेती भी करें, जिससे आपका मुनाफा और बढ़ेगा।

 

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