उत्तर पश्चिमी जिला पुलिस की साइबर सेल ने एक ऐसे जालसाज को दबोचा है, जिसने नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से दस्तावेज लिए और उन लोन ले लिया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने दो नए मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक माइक्रोवेव बरामद किए हैं। पुलिस के हत्थे चढ़े ठग ने दस्तावेज के जरिये फर्जीवाड़ा करके तीन माह के दौरान कई लोगों से ठगी कर की है।
डीसीपी उषा रंगनानी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मंगोलपुरी निवासी चंदन वर्मा के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक राणा प्रताप बाग निवासी विनीत ने शिकायत की कि एक अस्पताल में वार्ड बॉय की नौकरी के लिए उसने चंदन वर्मा नाम के व्यक्ति के व्हाट्सएप पर अपने दस्तावेज आधार कार्ड, पैन कार्ड और अपने बैंक खाते के एक रद्द किए गए चेक भेजे थे। लेकिन आरोपी ने उसे नौकरी नहीं दिलाई।
इस बीच गत 2 जून को उसके पास बैंक से दो मैसेज आए जिसमें ऋण के तौर पर उसके बैंक खाते से 3992 और 3204 रुपये की कटौती की गई थी। वह बैंक पहुंचा तो पता चला कि उसने बजाज फाइनेंस से 1.36 लाख का ऋण लिया है, जिसके पैसे काटे गए हैं। शिकायतकर्ता ने चंदन वर्मा पर उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर उसकी लोकेशन हासिल की और शुक्रवार को आरोपी चंदन को रोहिणी से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह पेशे से आर्किटेक्ट है और वह लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे दस्तावेज ले लेता है और फिर ऋण पर सामान खरीदने के लिए उन दस्तावेजों का इस्तेमाल करता है।