अप्रैल से हर घर दस्तक: जनगणना कर्मचारी घर-घर जाएंगे, प्रशासन किसी से यह 1 चीज नहीं पूछेगा

भोपाल 

एमपी के भोपाल जिले में अब जनगणना 2027 की हलचल तेज हो गई है। जिले में लोग मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए प्रशासन को दस्तावेज देने की जद्दोजहद करते नजर आए थे, लेकिन अब जनगणना में स्थिति पूरी तरह से उलट होगी। यह मौखिक होगी। कोई दस्तोवज नहीं लिया जाएगा। आधार नंबर मांगा जा सकता हैं। हालांकि ये केंद्र की सूची में नहीं है, इसलिए वैकल्पिक ही रहेगा। मोबाइल नंबर जरूर जनगणना के लिए लिया जाएगा। जनगणना फार्म डिजिटली भरा जाएगा। इसके बाद आप डिजिटल रसीद दी जाएगी।

ये 1 चीज नहीं पूछेगा प्रशासन
अभी पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक कार्यालयों में ट्रेनिंग-तैयारियों के तौर पर हो रही है। अप्रैल से हर घर दस्तक देना शुरू होगी। एसआइआर में साढ़े चार लाख मतदाताओं के नाम हटाए थे, जनगणना में सिर्फ 33 हजार को ही मृत श्रेणी में रखा जाएगा। जनगणना में बैकिंग की डिटेल नहीं मांगी जाएगी। जनधन खातों व यूपीआइ के तहत हर व्यक्ति की बैकिंगग डिटेल सरकार के पास है। इंटरनेट की पहुंच, स्मार्टफोन के साथ घरेलू उपयोग में एलपीजी/पीएनजी की उपलब्धता व कनेक्शन को लेकर सवाल जरूर होंगे।

स्वगणना के लिए 15 दिन मिलेंगे

जनगणना में एक अप्रेल 2026 से सितंबर 2026 तक घर का सर्वे-मैपिंग होगी। 30 दिन गहन काम होगा। इससे पंद्रह दिन पहले लोगों को खुद ही ऑनलाइन फार्म भरकर स्वगणना का विकल्प खोला जाएगा। यानी नागरिक खुद ही अपना डिजिटल फार्म डिटेल के साथ जमा कर सकेंगे।

See also  बहुप्रतीक्षित इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना में अब जमीनी स्तर पर काम शुरू

10 लाख घरों होगी मैपिंग

1 मई से शुरू होने वाली जनगणना को लेकर मध्यप्रदेश में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन ने इस महाअभियान के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी पूरी कर ली है। इस बार जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज कर सकेंगे।

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि नागरिक इंडियन सेंसस डाटा कलेक्शन पोर्टल पर लॉग-इन कर अपनी जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे। इसके साथ ही पारंपरिक तरीके से डोर-टू-डोर सर्वे भी किया जाएगा। जनगणना कार्य के लिए करीब 8000 कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। 16 फरवरी से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा। अभियान के तहत लगभग 10 लाख घरों की जियो-टैगिंग और मैपिंग की जाएगी। मैपिंग पूरी होने के बाद कर्मचारियों को सर्वे कार्य के लिए तैनात किया जाएगा।

कितने सवाल पूछे जाएंगे

2 मई से 31 मई 2026 के बीच लोगों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे. इन सवालों का सही और स्पष्ट जवाब देना अनिवार्य होगा. सबसे पहले घर से जुड़े सवाल होंगे, जैसे मकान नंबर, मकान की स्थिति, दीवार और छत की सामग्री, घर का उपयोग और फर्श की स्थिति आदि.

See also  प्राइड ऑफ मध्यप्रदेश-2025 में सम्मानित विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों का म.प्र. में अभिनंदन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इसके बाद परिवार से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे. इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, घर में रहने वाले लोगों की जानकारी, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और जाति (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य) जैसी जानकारी ली जाएगी. साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि घर अपना है या किराए का, कितने कमरे हैं और कितने विवाहित परिवार उसमें रहते हैं.

घर की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल भी शामिल हैं. जैसे पीने के पानी का सोर्स, शौचालय है या नहीं, बिजली की सुविधा, खाना पकाने का ईंधन और गंदे पानी के निकालने की व्यवस्था. इसके अलावा घरेलू समानों की जानकारी भी ली जाएगी. जैसे घर में रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप या कंप्यूटर, मोबाइल फोन, साइकिल, मोटरसाइकिल, कार है या नहीं. मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा, लेकिन यह केवल जनगणना से जुड़ी सूचना के लिए होगा.

ये 33 प्रमुख सवाल पूछे जाएंगे?
जनगणना के दौरान नागरिकों से घर की स्थिति, निर्माण सामग्री (फर्श, दीवार, छत), परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम व लिंग, सामाजिक वर्ग (SC/ST/अन्य), स्वामित्व की स्थिति, कमरों की संख्या, विवाहित जोड़ों की संख्या, पेयजल स्रोत, बिजली की उपलब्धता, शौचालय की स्थिति व प्रकार, रसोई और ईंधन का प्रकार, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, अपशिष्ट जल निकास, स्नान सुविधा, इंटरनेट और डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता, वाहन, मुख्य खाद्यान्न और मोबाइल नंबर सहित अन्य जानकारियां ली जाएंगी।

See also  मोनालिसा की शादी पर CM मोहन यादव से होगी शिकायत, परिवार का बयान- फरमान तो कहता था बहन

जनगणना-2027 पर सीएम का बयान?
भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ऐतिहासिक जनगणना होने जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश इस प्रक्रिया में देश के लिए आदर्श मॉडल बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डाटा प्रक्रिया है। इसी के आधार पर सरकारी योजनाएं, संसाधनों का वितरण और विकास की रणनीतियां तय की जाती हैं।

एसआइआर में इन्हें हटाया, जनगणना में शामिल होंगे

-1.01 लाख के फार्म संग्रहित नहीं किए जा सके
-2.86 लाख स्थायी तौर पर शिफ्ट हो गए
-14171 दोहरे नाम थे
-33791 मृत हो गए नोट

नोट: मृत पाए मतदाताओं को छोड़े तो परिजनों के कहने पर बाकी का नाम जनगणना में शामिल रहेगा। धूप तीखी हुई तो बड़ा तालाब स्थित बोट क्लब पर सन्नाटा पसर गया। आग से फैक्ट्री खाक होने के बाद संचालक के बेटा और बेटी विलाप करते हुए।