संविधान निर्माता भारतरत्न डॉ. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी का अस्थि छत्तीसगढ़ में दर्शन के लिए लाई गई है| जो प्रदेश के कई जिलों का भ्रमण करेगी | त्रिरत्न बौद्ध महासंघ छत्तीसगढ़ के द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है| अस्थि पात्र को दिनांक 15.02.2024 की सुबह रायपुर लाया गया| जिसे सत्यलोक केन्द्र केसदा ब्लाक सिमगा में रखा गया| अस्थि दर्शन यात्रा दिनांक 16.02.2024 से शुरू होकर दिनांक 02.03.2024 को रायपुर में समाप्त होगी| इस दौरान यात्रा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में भ्रमण करेगी|
बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का 6 दिसम्बर 1956 को दिल्ली में देहांत हो गया था। दिल्ली से उनके पार्थिव शरीर को मुम्बई ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। लाखों की भीड़ बाबा साहब के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी थी। अंतिम संस्कार के बाद अस्थियों का वितरण किया गया | अंबेडकर की अस्थियां मुंबई के चैत्यभूमि, नागपुर की दीक्षाभूमि, महू की जन्मभूमि एवं पुणे के धम्म चक्र प्रवर्तन महाविहार दापोड़ी में रखी गई है, जो कि समय-समय पर गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में समाज को जागरूक करने के लिए भ्रमण कराई जाती है। इस बार छत्तीसगढ़ में पहली बार उनकी अस्थि दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।
सक्ती जिला में यह यात्रा 25 फरवरी को पहुँचने वाली है| जिसकी तैयारी जोरों से की जा रही है| यात्रा कोरबा, चाम्पा, बाराद्वार होते हुए सक्ती पहुंचेगी| यात्रा यहाँ मुख्य मार्गों से होते हुए मालखरौदा फिर सारंगगढ़ के लिए प्रस्थान करेगी|
