डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का निधन, 60 करोड़ की संपत्ति का भविष्य अनिश्चित; फर्जी दान-पत्र मामले की जांच जारी

जबलपुर
जबलपुर की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन से चिकित्सा जगत और शहर में शोक की लहर है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के उपरांत पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज (एमसीएच) के फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है।

राइट टाउन निवासी डॉ. श्रीवास्तव को करीब एक माह पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी तबीयत में सुधार भी हुआ था, लेकिन रविवार को अचानक उनका निधन हो गया।

उनके पति और बेटे का पहले ही देहांत हो चुका था। संपत्ति हड़पने के आरोप में डॉ. सुमित जैन, पत्नी प्राची जैन, उनकी बहन व जीजा पर मामला दर्ज है।

डॉ. श्रीवास्तव की संपत्ति पर कई दावे

एसडीएम और पुलिस की मौजूदगी में हेमलता श्रीवास्तव का पोस्टमॉर्टम किया गया। कुछ दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर जब उन्हें कार से बाहर ले जाया जा रहा था, तभी उनकी करोड़ों की संपत्ति होने की जानकारी सामने आई, जिस पर अलग-अलग लोग दावा कर रहे हैं।

See also  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण मामले की सुनवाई 16 अक्टूबर तक बढ़ाई

डॉ. सुमित जैन के अनुसार 14 जनवरी को उनके जन्मदिन पर हेमलता उनके साथ थीं, जबकि इससे 12 दिन पहले 2 जनवरी को उन्होंने अपनी इच्छा से करीब 11 हजार वर्गफीट जमीन ससुर और बेटे के नाम मेमोरियल अस्पताल के लिए दान की थी।

गायत्री मंदिर ट्रस्ट किया था दान करने का दावा

इधर गायत्री मंदिर ट्रस्ट ने भी करोड़ों की संपत्ति को लेकर दावा किया है कि हेमलता श्रीवास्तव ने अपनी छोटी बहन कनक लता मिश्रा के सामने इच्छा जताई थी कि वे अपनी पूरी संपत्ति ट्रस्ट को देना चाहती हैं। हालांकि, इस मामले में आईएमए भी हस्तक्षेप कर चुका है।

हेमलता श्रीवास्तव की छोटी बहन शांति तिवारी, जो छत्तीसगढ़ में रहती हैं, उन्हें सूचना दे दी गई है। उनके जबलपुर पहुंचने के बाद सोमवार को शव परिजनों को सौंपा जाएगा। दोपहर करीब 12 बजे पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में रानीताल मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया जाएगा।

बयान में फर्जीवाड़े का जिक्र किया था

See also  मध्य प्रदेश में इस साल पराली जलाने के मामले पिछले साल के मुकाबले ज्यादा

डॉ. हेमलता की 60 करोड़ रुपए मूल्य की 11 हजार वर्गफीट संपत्ति के विवाद के बीच जनवरी में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन ने उनका रेस्क्यू कर उन्हें मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया था।

स्वस्थ होने पर उन्होंने बयान में कहा था कि गलत जानकारी देकर दान-पत्र लिखवाकर रजिस्टर्ड कराया गया। मामले में डॉक्टर दंपती, रजिस्ट्रार व अन्य की भूमिका की जांच जारी है।

प्रताड़ना और जबरन दस्तावेज लिखवाने के आरोप

इस पूरे मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। IMA का कहना है कि सीनियर लेडी डॉक्टर को संपत्ति के लिए प्रताड़ित किया गया और उनकी शारीरिक व मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद रजिस्ट्री और दान-पत्र लिखवाए गए।

12 जनवरी को जन्मदिन पर केक काटा, 14 को तबीयत बिगड़ी

हेमलता श्रीवास्तव का 12 जनवरी को 81वां जन्मदिन था, जिसका एक वीडियो भी सामने आया था। डॉ. सुमित जैन और उनकी पत्नी प्राची जैन के साथ हेमलता श्रीवास्तव का केक कटवा रहे हैं।

See also  मंत्री सारंग ने किया विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन

आरोप है कि 13 जनवरी तक स्वस्थ रहने वाली हेमलता की अचानक 14 जनवरी को कैसे तबीयत बिगड़ी। उन्हें घर के सामने स्थित मुखर्जी अस्पताल में भर्ती कराया, तभी से उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनके हाथ में अल्सर हो गया।

सुमित जैन ने बताया कि तरुण बहरानी वहां पर मौजूद थे। अस्पताल प्रबंधन की मदद से ना जाने क्या दवा दी गई कि हेमलता श्रीवास्तव की हालत इतनी बिगड़ गई। सुमित जैन का कहना है कि जिस वीडियो को मेडिकल कॉलेज का बताया जा रहा है, वो असल में मुखर्जी अस्पताल का है।