JJohar36garh News। फरीदपुर में शनिवार रात को पत्नी से विवाद के बाद शराब के नशे में धुत बेरहम पिता ने तीन साल के बेटे का गला दबाया। उसे मरा समझकर झाड़ियों में फेंक दिया। रिश्तेदार की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दो घंटे की मशक्कत के बाद चौबारी से बच्चे को जिंदा बरामद कर मां को सौंप दिया।
फरीदपुर पुलिस ने आरोपी पिता का शांति भंग में चालान कर जेल भेज दिया है।मेहतरपुर तिजासिंह गांव निवासी रामलखन शनिवार को शांति नगर कॉलोनी में अपने चाचा भीमसेन के यहां पत्नी रेखा और तीन वर्षीय बेटे देव को लेकर आया था। कुछ देर रुकने के बाद रामलखन ने पत्नी से वापस घर चलने को कहा, लेकिन राम लखन को नशे में देख पत्नी ने वहीं रुकने की जिद पकड़ ली।इससे रामलखन ने नाराज होकर बिशारतगंज की रिश्तेदारी में जाने की बात कहकर घर से निकल गया। वह मासूम देव को गोद में लेकर घर से निकला, लेकिन रात में भसोकर गांव के अपने फूफा नन्हें लाल के यहां अकेला पहुंचा और वहीं रुक गया।
फूफा ने रामलखन से देव के बारे में पूछा, तो उसने चौबारी गांव के टेंपो स्टैंड के पास उसकी हत्या कर शव झाड़ियों में फेंकने की बात कही। नन्हें ने आनन-फानन में फरीदपुर पुलिस को सूचना दी, जिस पर फरीदपुर इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह ने टीम के साथ रामगंगा कटरी में कांबिंग शुरू की।कुछ देर बाद पता चला कि सुभाष नगर के अंगूरीटाडा गांव की अल्लो बेगम बच्चे देव को अकेले घूमते देखकर अपने घर ले गई। पुलिस अंगूरी गांव पहुंची, जहां से बच्चा सकुशल बरामद किया।अल्लो बेगम ने बताया कि चौबारी गांव के रामगंगा के डैम के पास बच्चा रो रहा था। बच्चे को चुप कराते हुए वह उसे सुरक्षित साथ में घर ले आई। इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह ने महिला को अच्छे काम के लिए इनाम दिया।
बच्चे की मां रेखा देवी ने बताया कि उसका पति रामलखन शराब पीकर उससे अक्सर मारपीट करता है। पिटाई के डर से पत्नी ने उसके साथ जाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद रेखा की गोद से वह देव को उठाकर ले गया। रेखा उसे छीनने के लिए दौड़ी, लेकिन वह चला गया। उस समय घर में चाचा भीमसेन मौजूद नहीं थे।
फरीदपुर थाना इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी का शांति भंग में चालान किया गया है क्योंकि बच्चे की बरामदगी भमोरा थाना क्षेत्र में हुई है। इसलिए हत्या के प्रयास के संबंध में वहीं से कार्रवाई होगी।