एक बार फिर गुरु घासीदास की जीवनी पुस्तक पर आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग, सतनामी समाज आक्रोशित

Johar36garh (Web Desk)|छत्तीसगढ़ में एक भी गुरु घासीदास जी के जीवनी में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है, जिससे सतनामी समाज आकोशित हो गया है | संस्थापक व प्रकाशक के खिलाफ कार्यवाही को लेकर प्रदेशभर में समाज के लोगों द्वारा ज्ञापन सौंपने का दौर शुरू हो गया है|  जांजगीर जिला के पामगढ़ और अकलतरा थाना में प्रदेश के गृह मंत्री के नाम सतनामी समाज के लोगों ने ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की है|
दरअसल दर्शन शास्त्र छत्तीसगढ़ PSC मुख्य परीक्षा के डेस्टिनी पब्लिकेशन  रायपुर के संस्थापक निदेशक डॉ मनोज अग्रवाल ने किताब के पृष्ठ क्रमांक 16 में परम पूज्य गुरु घासीदास सतनाम पंथ के विशेषताएं में आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग किया गया जिस शब्द को संवैधानिक रूप से प्रतिबंध कर दिया गया है|  उस शब्द का प्रयोग एक आई ए एस अकदामी के संचालक द्वारा किया जाना घोर अपराध है|  जान बुझ कर सतनामी समाज के भावनाओ को आघात पहुंचाया है जिसके खिलाफ शख्त कार्यवाही की मांग की गयी है।


पामगढ़
इसी कड़ी में युवा प्रकोष्ठ ने पामगढ़ थाना में SDOP बिंदेश्वरी नंद एवं थाना प्रभारी आर एल टोंडे उपस्थित में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने पहुंचे प्रदेश सचिव मनोबल सिंह जाहिरे,  नीरज खुंटे, जिला महासचिव जिला उपाध्यक्ष विश्वनाथ जाहिरे, ब्लाक संयोजक दिनेश खरे, ब्लाक अध्यक्ष रवि मनहर, सुमन लहरे, राजा अनुज सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे |

See also  पद का पवार : रेंजर को बीट गार्ड ने कहा अभी आप यहां अपराधी, अफसर आफिस में होंगे, VIDEO

अकलतरा
संगठन अध्यक्ष एवं ब्लाक संयोजक विकास भारव्दाज ,ब्लाक अध्यक्ष विजय खांडेल, कार्य.ब्लाक अध्यक्ष एवं संगठन सचिव छोटू सोनवानी, निक्कू पाटले, सुरेंदर लहरें, प्रेमचंद पाटले, बसंत कुमार सुमन, दीपक आदिले, धीरेन्द्र जांगड़े एवं ब्लाक बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे