1 अप्रैल से FASTag एनुअल पास महंगा! ₹3000 वाला प्लान अब पड़ेगा भारी, जानें नई कीमत

मुंबई
नेशनल हाईवे के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने FASTag एनुअल पास शुरू किया था। इसे 6 महीने के अंदर 50 लाख से ज्यादा यूजर्स ने एक्टिव कराया हैं। इस दौरान 26.55 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड किए गए हैं। NHAI ने बताया था कि नेशनल हाईवे (NH) नेटवर्क पर होने वाले कुल कार ट्रांजैक्शन में से लगभग 28% अब FASTag एनुअल पास के जरिए किए जा रहे हैं, जो नेशनल हाईवे यूजर्स के बीच FASTag एनुअल पास की बढ़ती पसंद को दिखाता है। हालांकि, लोगों की यही पसंद आप उनकी जेब पर थोड़ी सी भारी पड़ेगी। दरअसल, NHAI ने 2026-27 फाइनेंशियल ईयर के लिए इस पास की कीमत बढ़ाकर 3,075 रुपए करने का फैसला किया है। यह बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। अभी इस पास की कीमत 3,000 रुपए है।
 
यह नई कीमत 'राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम 2008' में बताए गए टोल रिवीजन मैकेनिज्म के अनुसार तय की गई है। यही नियम राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल शुल्क को नियंत्रित करता है। FASTag एनुअल पास नॉन-कमर्शियल व्हीकलके लिए है और इसका इस्तेमाल भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के नेटवर्क पर मौजूद लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर किया जा सकता है। व्हीकल में एक वैलिड FASTag लगा होना जरूरी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 56 लाख से ज्यादा वाहन चालक पहले ही इस एनुअल पास प्रोग्राम में अपना रजिस्ट्रेशनकरवा चुके हैं।

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FASTag एनुअल पास क्या है?
सबसे पहले समझते हैं कि FASTag एनुअल पास क्या है? तो ये सालाना टोल पास एक तरह की प्रीपेड टोल स्कीम है, जिसे खास तौर से कार, जीप और वैन जैसे नॉन-कमर्शियल प्राइवेट व्हीकल के लिए तैयार किया गया है। नए पास की घोषणा करते समय नितिन गडकरी ने कहा था कि इसका उद्देश्य 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाजा से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को दूर करना और सिंगल, अफॉर्जेबल लेनदेन के माध्यम से टोल भुगतान को सरल बनाना है। टोल प्लाजा पर वेटिंग टाइम को कम करके, भीड़भाड़ को कम करके और विवादों को कम करके, वार्षिक पास का उद्देश्य लाखों प्राइवेट व्हीकल ओनर्स के लिए एक फास्ट और आसान यात्रा का अनुभव देना है।

खास बात ये है कि इसके लिए लोगों को नया टैग खरीदने के की जरूरत नहीं है, बल्कि ये आपके मौजूदा FASTag से जुड़ जाएगा। इसकी कंडीशन ये है कि आपका मौदूजा FASTag एक्टिव होना चाहिए और आपके व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ा हो। यह योजना केवल NHAI और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर लागू होगा। इसके लिए बार-बार ऑनलाइन रिचार्ज करने की आवश्यकता नहीं है, जिससे यह डेली पैसेंजर्स के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। यह पास नॉन-ट्रांसफरेबल है। इसे सिर्फ रजिस्टर्ड व्हीक के साथ ही इस्तेमला कर पाएंगे।

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FASTag एनुअल पास कहां काम करेगा?
FASTag एनुअल पास केवल NHAI द्वारा ऑपरेटेड राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) पर स्थित टोल प्लाजा पर ही काम करता है। जैसे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, मुंबई-नासिक, मुंबई-सूरत और मुंबई-रत्नागिरी मार्ग आदि। राज्य राजमार्गों या नगरपालिका टोल सड़कों पर आपका FASTag सामान्य रूप से काम करेगा और टोल सामान्य रूप से वसूला जाएगा। जैसे, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे (समृद्धि महामार्ग), अटल सेतु, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे और अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे। ये सभी राज्य प्राधिकरणों द्वारा संचालित होते हैं।

ऐसे एक्टिवेट करें फास्टैग एनुअल पास
FASTag एनुअल पास एक्टिवेट करने को लेकर इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) की तरफ एक नोटिफिकेशस जारी किया गया है। IHMCL ने नोटिफिकेशन में इस एनुअल पास से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं। साथ ही, फास्टैग के एनुअल पास को एक्टिवेट करने का तरीका भी बताया है।

IHMCL के मुताबिक, FASTag एनुअल पास को सिर्फ Rajmargyatra (राज मार्ग यात्रा) मोबाइल ऐप और NHAI पोर्टल पर जाकर ही एक्टिवेट किया जा सकेगा। इस पास को एक्टिवेट करने के लिए कार चालक को पहले अपने व्हीकल और उसके ऊपर लगे FASTag की एलिजिबिलिटी को वेरिफाई करना होगा। एक बार वेरिफिकेशन्स कंप्लीट होने के बाद 3000 रुपए का पमेंट करना होगा। यूजर द्वारा किया गया 3000 रुपए की पेमेंट कंफर्मेशन होने के बाद 2 घंटे के अंदर FASTag एनुअल पास एक्टिवेट हो जाएगा। यह एक्टिवेशन आपके मौजूदा फास्टैग पर ही होगा। FASTag एनुअल पास के लिए आपको न्यू फास्टैग खरीदने की जरूरत नहीं है। फास्टैग एनुअल पास पर पेमेंट करने से अगले 1 साल तक या फिर 200 टोल पाल करने तक की वैलिडिटी मिलेगी।

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7000 रुपए की बचत होगी
इस पास की कीमत 3000 रुपए रखी गई है, जिसमें 200 यात्राएं शामिल हैं। एक यात्रा का मतलब एक बार टोल प्लाजा पार करना है। यानी प्रति टोल खर्च सिर्फ 15 रुपए ही खर्च होंगे। अभी 200 बार टोल पार करने पर करीब 10,000 रुपए खर्च होते हैं, लेकिन नई स्कीम में यह काम सिर्फ 3000 रुपए ही लगेंगे। इसका मतलब है कि पैसेंजर व्हीकल चलाने वालों की करीब 7000 रुपए की सीधी बचत होगी।