जांजगीर जिला के मुलमुला थाना क्षेत्र के अमोरा गांव में अधेड़ ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। 15 दिन पहले बेटे ने बिलासपुर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। अब अधेड़ की लाश भी घर में फंदे पर लटकी हुई मिली है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मामले में जांच जारी है।
जानकारी के मुताबिक, अमोरा गांव का भीम केवट (47 साल) केएसके महानदी पावर प्लांट में मजदूरी करता था। वह शराब पीने का आदी था। हमेशा शराब के नशे में चूर रहता था। जिसकी वजह से उसकी पत्नी उससे अलग बिलासपुर के मंगला में एक बेटे और बेटी के साथ रहती थी। उसके एक बेटे ने 15 दिन पहले ही इसी तरह से फांसी लगाकर जान दे दी थी। भीम की खुदकुशी की बात लोगों को तब पता चली, जब रविवार सुबह पड़ोस के लोग उसके घर गए थे।
भीम का एक बेटा अपने मामा के घर रहता था। काफी साल से भीम केवट शराब पीने का आदी था। घरवालों के काफी समझाने पर भी वह बात नहीं सुनता था। जिसकी वजह से परिवार बिखर गया था और भीम केवट अमोरा गांव में अकेले रहता था। प्लांट से मिलने वाले पैसे को भी वह शराब पीकर उड़ा देता था।