खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट में खुलासा 22323 परिवार छोड़ गए बुंदेलखंड

छतरपुर

मध्य प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड से न सिर्फ मजदूरों का पलायन हुआ है बल्कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत दिया जाने वाला राशन भी अन्य राज्यों में जा रहा है। इसका राजफाश मध्य प्रदेश खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट में हुआ है।

बुंदेलखंड के छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, दमोह, पन्ना जिलों के 22323 रहवासी मजदूरी के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात में रह रहे हैं। इन्हें ओएनओआर (वन नेशन वन राशन कार्ड) के तहत देश के किसी राज्य में आधार कार्ड दिखाकर राशन मिल जाता है। केंद्र से मिलने वाला कोटा यहां से कम कर लिया जाता है।

पलायन रोकने के दावे खोखले

इससे यह साफ हो गया है कि शासन और प्रशासन पलायन रोकने के दावों के विपरीत यहां से पलायन जारी है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत हर जिले में तय हितग्राहियों के हिसाब से राशन आता है। जिस जिले में जितने हितग्राही कम होते हैं, उतना राशन संबंधित जिलों से कम कर दिया जाता है।

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यानी जिस माह जितने हितग्राही कम होंगे उतना राशन अगले माह नहीं भेजा जाएगा। वह संबंधित हितग्राही (जहां वह मजदूरी के लिए गया है) के यहां भेज दिया जाता है। छतरपुर जिले में 2 लाख 96 हजार 353 हितग्राही हैं। इनमें इस माह 6148 हितग्राहियों का राशन छतरपुर नहीं आते हुए संबंधित राज्य की पीडीएस दुकान में भेज दिया जाएगा।

जुलाई माह के लिए आया आवंटन

छतरपुर जिले के लिए जुलाई माह के लिए करीब 26 हजार क्विंटल गेहूं और 33 हजार 126 क्विंटल चावल आया है। इस आवंटन को जिले भर की 656 राशन दुकानों में खाद्यान्य सप्लाई किया जाएगा है। जहां से हितग्राही अपना अपना राशन लेते हैं। हर रोज कितने लोगों ने राशन लिया इसकी ऑनलाइन फीडिंग भी विभागीय स्तर पर की जाती है।

इन जिलों से इतने परिवार गए

जिलाहितग्राहीराशन दुकानहितग्राही गए
छतरपुर2963356566148
निवाड़ी800261571360
सागर4653169758167
पन्ना1966004282371
टीकमगढ़219323375380
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(आंकड़े पीडीएस रिपोर्ट के अनुसार)