JJohar36garh News|जांजगीर जिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पामगढ़ में डॉक्टर की असंवेदनशीलता के कारण एक गम में डूबे परिवार को रात भर परेशान होना पड़ा | पिता जिस बच्चे को गोद खिलाया था उसकी लाश को चीरघर में रख रात भर पहरा देता रहा जबकि पत्नी तड़पती रही | अगर डॉक्टर ने संवेदना दिखाई रहती तो पोस्टमार्डम हो सकता था, लेकिन डॉक्टर पुष्टि करने के बाद हॉस्पिटल छोड़कर चली गई| जबकि पुलिस और पोस्टमार्डम करने वाले मौके पर पहुंच चुके थे |
दरअसल ग्राम भदरा निवासी 2 साल का मासूम सीनू पिता सनत कुमार खूंटे शनिवार की दोपहर घर पास खेल रहा था| इसी दौरान घर के पास पानी से भरे गड्डे में गिर गया, परिजनों नजर उस पर पड़ते ही उसे बाहर निकाला और सीधे पामगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर पहुंचे| हॉस्पिटल में डॉक्टर प्रीति ताम्रकार ने बच्चे को देखा उसके पेट से पानी भी निकाला, जिसके बाद उसे मृत घोषित करते हुए हॉस्पिटल से चली गई, मृतक के परिजन मित्रों की मदद से पोस्टमार्डम करने वाले कर्मचरियों को फोन करने बुला लिया| वहीं पामगढ़ थाना से भी तत्काल पुलिस पहुंचकर अपनी कार्यवाही पूर्ण कर ली थी | परिजनों को रोते-बिलखते देख सभी की मंशा थी की जल्दी पोस्टमार्डम हो जाए, ताकि शाम को ही अंतिम संस्कार किया जा सके| लेकिन डॉक्टर हॉस्पिटल से नदारत हो चुकी थी | परिजन पुलिस और पोस्टमार्डम करने वाले कर्मचारी डॉक्टर का इंतज़ार करते रहे| जैसे-तैसे समय ही बीत गया, लेकिन डॉक्टर वापस हॉस्पिटल नहीं आई| अततः सभी को मायूस वापस लौटना पड़ा| परिजन शव को हॉस्पिटल परिसर में ही रखना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने शव को चीरघर में रखने की सलाह दी, शव को अपने गोद में लिए परिजन पुलिस वाहन से चीरघर पहुंचते हैं | वही मासूम की माता रो-रो कर बदहवास हो चुकी थी, उसे किसी तरह परिजन घर लेकर गए, जबकि पिता चीरघर के बाहर अकेले बैठा पहरेदारी कर रहा था | आज सुबह बच्चे के शव का पोस्टमार्डम किया गया |
अगर डॉक्टर ने भी सभी की तरह तत्परता दिखाई रहती तो गम में डूबे परिजनों को और परेशान नहीं होना पड़ता |



