गति शक्ति ने सड़क निर्माण को विज्ञान और तकनीक से जोड़ा : लोक निर्माण मंत्री सिंह

डेटा और पारदर्शिता से गढ़ रहे हैं प्रदेश का भविष्य

भोपाल
भारत मंडपम में सोमवार को उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में देशभर के मंत्रालयों, राज्यों, तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की इस दूरदर्शी पहल की उपलब्धियों को साझा करना और इससे जुड़े नए तकनीकी नवाचारों को प्रदर्शित करना था।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 13 अक्टूबर 2021 को प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की शुरुआत “एक भारत – एक योजना” के विजन के साथ की थी। इस योजना का उद्देश्य देश के सभी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना था जिससे योजना निर्माण, समन्वय और क्रियान्वयन में गति और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना भारत की विकास यात्रा का मजबूत इंजन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक नीति नहीं बल्कि ‘Whole-of-Government Approach’ का जीवंत उदाहरण है, जहाँ सभी मंत्रालय और राज्य एक साझा लक्ष्य की दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं। श्री गोयल ने बताया कि अब तक इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 13.59 लाख करोड़ रूपये की 293 बड़ी परियोजनाएँ मूल्यांकित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि गति शक्ति योजना ने योजना और निष्पादन के बीच की दीवारें तोड़ दी हैं और भारत को विकास के नए युग में प्रवेश कराया है। उन्होंने विशेष रूप से मध्यप्रदेश सरकार और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह की सराहना करते हुए कहा की “मध्यप्रदेश ने दिखाया है कि जब तकनीक, दृष्टि और निष्ठा एक साथ आती हैं तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। श्री राकेश सिंह जी और उनकी टीम ने गति शक्ति के सिद्धांतों को जमीनी स्तर पर उतारकर एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है, जिससे अन्य राज्य भी प्रेरणा ले सकते हैं।”

See also  पॉवर जनरेटिंग प्रशिक्षण संस्थान में कार्मिकों के लिए हुई पर्सनल एवं प्रोफेशनल एक्सीलेंस कार्यशाला

राज्य मंत्री श्री जतिन प्रसाद ने कहा पीएम गतिशक्ति विकसित भारत 2047 की नीव रखने वाला एम महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रधान मंत्री जी की दूर दृष्टि का ही परिणाम है की आज हम पीएम गतिशक्ति के चौथी वर्षगांठ मे इन उपलब्धियों को सेलिब्रेट कर रहें है।  

गति शक्ति ने सड़क निर्माण को विज्ञान और तकनीक से जोड़ा : मंत्री श्री राकेश सिंह

मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की “गति शक्ति” योजना ने न केवल देश के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण को तेज किया है बल्कि राज्य सरकारों को भी तकनीक आधारित निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग ने भास्कराचार्य राष्ट्रीय संस्थान (BISAG–N) के सहयोग से गति शक्ति प्लेटफॉर्म को अपनी कार्यप्रणाली का हिस्सा बना लिया है। इससे विभाग में पारदर्शिता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जवाबदेही में अभूतपूर्व सुधार आया है।

मंत्री श्री सिंह ने बताया कि विभाग ने “लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल ऐप” विकसित किया है, जिसके माध्यम से प्रत्येक पुल, सड़क और भवन की स्थिति ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। अब इंजीनियरिंग टीमों से लेकर मुख्यालय तक, हर स्तर पर कार्य की स्थिति रियल टाइम में देखी जा सकती है। उन्होंने बताया कि विभाग ने अब तक राज्य की 95% सड़कों की GIS आधारित मैपिंग पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया से सड़कों के वास्तविक नेटवर्क और स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो गई है।

मंत्री श्री सिंह ने कहा की गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य में सात नए ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट भी चिन्हित किए गए हैं, जिन पर डीपीआर निर्माण का कार्य जारी है। अब सड़कें केवल जनसंख्या या यातायात के आधार पर नहीं, बल्कि भूमि, पर्यावरणीय संतुलन और भौगोलिक विविधता को ध्यान में रखकर तय की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गति शक्ति पोर्टल की मदद से अब बजट में दोहराव वाली सड़क परियोजनाओं की पहचान संभव हो पाई है। पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर बजट के लिए प्रस्तावित सड़कों को मार्क करके न सिर्फ ड्यूप्लकैशन को पहचान जा सकता है बल्कि सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति मे भौगोलिक संतुलन भी बेहतर रूप मे स्थापित किया जा सकता है।

See also  भाई और बहन के बीच अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व है रक्षाबंधन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मंत्री श्री सिंह ने बताया की लोक निर्माण विभाग की लोक परियोजना प्रबंधन प्रणाली (LPPP) और रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम (RAMS) को गति शक्ति पोर्टल से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसी भी सड़क की निर्माण प्रगति और रखरखाव की स्थिति एक क्लिक पर देखी जा सकेगी। विभाग ने “लोकपथ मोबाइल ऐप” को भी गति शक्ति प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे नागरिक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे और उनका समाधान ऑनलाइन देख पाएंगे। इस ऐप से सड़क मरम्मत, गड्ढों की स्थिति और कार्य की प्रगति की जानकारी रियल टाइम में मिल सकेगी। अब विभाग में सड़क निर्माण की समयसीमा पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर तय की जाएगी। पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म पर तैयार हो रहे विशेष मॉड्यूल का उपयोग कर मिट्टी, मौसम, स्थलाकृति और ऐतिहासिक डेटा के विश्लेषण से यह तय किया जाएगा कि किस इलाके में कौन सा कार्य कितने समय में पूरा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विभाग ने अगस्त 2025 में 1632 इंजीनियरों को गति शक्ति प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षित किया है जिससे वे एलाइनमेंट निर्धारण, डिजाइनिंग और डीपीआर सत्यापन जैसे तकनीकी कार्यों में दक्ष बन सकें।

गुणवत्ता निगरानी में नया मॉडल — रैंडम इंस्पेक्शन से जवाबदेही बढ़ी
मंत्री श्री सिंह ने बताया कि विभाग में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए रैंडम इंस्पेक्शन सिस्टम लागू किया गया है। हर माह की 5 और 20 तारीख को मुख्य अभियंताओं की टीमें जिलों में जाकर निरीक्षण करती हैं और निरीक्षण स्थलों का चयन रैंडम सॉफ्टवेयर से होता है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और गुणवत्ता नियंत्रण मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि गतिशक्ति पोर्टल की सहायता से अब इन निरीक्षणों और भी बेहतर और जवाबदेह बनाया जा रहा है। अपने संबोधन में श्री राकेश सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल और राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से मध्य प्रदेश आज गति शक्ति के क्षेत्र में “लीडर स्टेट” के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

See also  विजयवर्गीय के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन बेकाबू, पुतले की जगह पुलिसकर्मी झुलसा

“प्रधानमंत्री जी के ‘गति’ और ‘शक्ति’ दोनों मंत्रों को अपनाते हुएलोक निर्माण विभाग ने तकनीक और पारदर्शिता से सड़क निर्माण की दिशा बदल दी है। अब हर सड़क सिर्फ विकास की राह नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ की पगडंडी बन रही है।

कार्यक्रम में BISAG–N द्वारा “PM GatiShakti Public/Offshore Platform” और “Water Resources Module” का लाइव प्रदर्शन किया गया। दोपहर के सत्र में “Geospatial Intelligence and Digital Infrastructure” विषय पर पैनल चर्चा हुई, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों, Gati Shakti Vishwavidyalaya और निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन DPIIT की निदेशक सुश्री यशस्वी मुंद ने किया।

कार्यक्रम के अंत में “अनुभूति केंद्र” (Anubhuti Kendra) का भ्रमण कराया गया, जहाँ उपस्थित प्रतिनिधियों ने गति शक्ति पहल से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीकों और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

मध्यप्रदेश ने भारत मंडपम के मंच से यह संदेश दिया है कि विकास की असली शक्ति डेटा, पारदर्शिता और जनभागीदारी में निहित है। लोक निर्माण विभाग के यह प्रयास “विकसित भारत” के विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।