गोठान और रोका छेका अभियान सिर्फ कागजों पर, सड़क पर बैठे रहते हैं मवेशी VIDEO

Johar36garh (Web Desk)|छत्तीसगढ़ में भारी भरकम बजट खर्चा कर ग्राम पंचायतो में गोठान का निर्माण किया है, रोका छेका अभियान चलाया गया, लेकिन यह सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया है | आज भी गाय सड़क पर बैठे रहते हैं|  जो आए दिन दुर्घनाओं का कारण बन रहे हैं |  शासन-प्रशासन इनकी अनदेखी कर सरपंचों को लापरवाही करने के लिए बढ़ावा दे रहे हैं |

जांजगीर और बिलासपुर जिला की सड़कों को घेरकर गायों का बैठे रहना आम हो चला है |  ये जानवर वाहन के हार्न बजाने के बावजूद नहीं खिसकते है, जिसका खामियाज़ा अक्सर दो पहिया वाहन वालों को उठाना पड़ता है, वे अक्सर हादसे का शिकार होकर घायल हो रहे हैं | वही दूसरी तरफ छोटे चार पहिया वाहन जीप व कार से मवेशियों के घायल होने पर गावों वालों द्वारा बेवजह चालकों को परेशान किया जाता है | रात में बड़ी-बड़ी वाहन चला करती है, जिसकी चपेट में आकर आए दिन जानवरों की मौत हो रही है |

ताज़ा मामला मस्तूरी ब्लाक के पचपेड़ी थाना के गांधी चौक के पास बीते रात अज्ञात बड़ी वाहन ने सड़क पर घूम रहे मवेशी को ठोकर मार दी |  जिससे मौके पर गाय की मौत हो गई । इस मार्ग पर दिन-रात छोटी-बड़ी वाहन चला करते है | यह कोई पहली घटना नही है इससे पहले भी यहां पर करीब आधा दर्जन मावेशियो भारी वाहन की चपेट में आने से उनकी मौत हो चुकी है। इस तरह घटना से कही न कही सरकार के गोठान और रोका छेका अभियान का पंचायत द्वारा खुला उल्ल्घन किया जा रहा है|

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