आजादी के समय मुसलमानों को पाकिस्तान भेज दिया गया होता तो तौकीर रजा पैदा भी नहीं होते -गिरिराज सिंह

नई दिल्ली
 वक्फ बिल 2024 के विरोध में बरेली के मौलाना तौकीर रजा के मुसलमानों के सड़क पर उतरकर दिल्ली का घेराव करने के बयान की केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने निंदा की है।

केंद्रीय ने कहा कि यह हमारा दुर्भाग्य रहा है। यदि आजादी के समय सभी मुसलमानों को पाकिस्तान भेज दिया गया होता तो तौकीर रजा पैदा ही नहीं होते। उन्होंने कहा, “इन लोगों ने जानबूझकर तुष्टिकरण के लिए भारत में नफरत फैलाने का काम किया है। तौकीर रजा ने बहुसंख्यकों को क्या समझ रखा है? वह यह समझते हैं कि हिंदू चूड़ी पहन कर बैठा है।

वह आरएसएस को गाली देते हैं, यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।” बता दें कि वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को लेकर उत्तर प्रदेश में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत उलेमा-ए-हिन्द सहित कई संगठनों ने इसका विरोध किया था। बरेली के मौलाना तौकीर रजा ने कहा था कि हमारी बातें नहीं मानी गईं तो अब मुसलमान सड़कों पर उतरेंगे और दिल्ली का घेराव करेंगे।

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साथ ही इससे पहले उन्होंने कहा था कि वक्फ की जमीन पर किसने कब्जा किया है, सरकार को ये बताना चाहिए। उन्होंने कहा, “हिंदुस्तान के सबसे अमीर आदमी ने वक्फ की संपत्ति पर कब्जा किया है। वक्फ की संपत्ति पर कई सरकारी बिल्डिंग बनी हुई हैं। अगर सरकार को हमसे हमदर्दी है तो सबसे पहले उन्हें इन संपत्तियों को रिलीज करना चाहिए। ये जो बिल लाने की कोशिश की जा रही है, हम उसे जमीन के हिसाब से नही बल्कि शरीयत के हिसाब से देख रहे हैं।

वक्फ में दखलअंदाजी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए हम किसी हद तक जा सकते हैं।” उन्होंने दिल्ली में होने वाली मीटिंग के बारे में बताया, “हमारी अगली मीटिंग दिल्ली में होगी, लेकिन सरकार चाहे तो उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। सरकार को ये समझ लेना चाहिए कि हम अपने लोगों को कंट्रोल में रखते हैं। इसके बावजूद हम लोग हर तरह के जुल्म को बर्दाश्त कर रहे हैं।”

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