ताजमहल देखने आए ईरानी नाविकों की दर्दनाक मौत, यादें ही बन गईं आखिरी निशानी

विशाखापट्टनम
ईरानी युद्धपोत 'देना' के चालक दल के कई सदस्यों को शायद इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि विशाखापत्तनम में बिताई गई उनकी खूबसूरत यादें उनकी जिंदगी की आखिरी यादें बन जाएंगी। चाहे रुशिकोंडा बीच पर लंबी सैर हो या फिर मनोहारी कैलासगिरी पर्वत की यात्रा, ईरानी चालक दल ने भारत में अपने समय का भरपूर लुत्फ उठाया था। लेकिन बहुराष्ट्रीय नौसैन्य अभ्यास 'मिलन 2026' में हिस्सा लेने भारत आए इन ईरानी नौसैनिकों का सफर एक बेहद खौफनाक त्रासदी में तब्दील हो गया, जब वापसी के दौरान एक अमेरिकी पनडुब्बी ने उनके युद्धपोत को हमेशा के लिए समंदर की गहराइयों में दफन कर दिया।

ये नाविक अभ्यास 'मिलान 2026' के दौरान विशाखापत्तनम में 15 से 25 फरवरी के बीच रहे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और तटीय शहर के कई प्रसिद्ध स्थलों का भ्रमण किया। अपने प्रवास के दौरान नाविकों ने 'अतुल्य भारत' कार्यक्रम के तहत आयोजित सांस्कृतिक दौरों में भी भाग लिया। उनमें से कुछ नाविक आगरा भी गए, जहां उन्होंने विश्व के सात अचंभों में शामिल ताज महल और अन्य ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया और भारत की समृद्ध विरासत का अनुभव किया।

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सोशल मीडिया पर नाविकों के मुस्कुराते हुए, समुद्र तटों पर टहलते हुए और शहर के लोगों से बातचीत करते हुए कई वीडियो और तस्वीरें साझा की गईं। उनसे बातचीत करने वाले एक स्थानीय निवासी सोहन हतंगड़ी ने याद करते हुए कहा, 'वे (ईरानी) दोस्ताना स्वभाव के युवा नाविक थे, जो स्थानीय लोगों के साथ सेल्फी ले रहे थे और विशाखापत्तनम की मेहमाननवाजी का आनंद ले रहे थे।' नाविकों ने यहां स्थित युद्ध स्मारक, पनडुब्बी संग्रहालय और अन्य स्थानों का भी दौरा किया।

कुछ ईरानी नाविक शहर के बाहरी इलाके में स्थित संकल्प आर्ट विलेज भी गए और मिलान मंडप में नौसैनिक कर्मियों और आगंतुकों के साथ चाय-नाश्ते का आनंद लेते हुए बातचीत करते देखे गए। कई नाविकों को पारंपरिक भारतीय वस्त्रों की खरीदारी करते भी देखा गया। युद्धपोत 'आईआरआईएस देना' पर चालक दल के लगभग 180 सदस्य सवार थे।

एक रक्षा अधिकारी के अनुसार, ईरानी नौसैनिक प्रतिनिधिमंडल में ईरान की नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल शहरम ईरानी और आईआरआईएस देना के कमांडिंग ऑफिसर अबुजार जर्री भी शामिल थे। अधिकारी ने बताया, ‘मिलान 2026 अभ्यास के दौरान एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच संवाद के तहत रियर एडमिरल शहरम ईरानी से मुलाकात की।’

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अधिकारी ने बताया कि मिलान 2026 अभ्यास में बंगाल की खाड़ी में दुनिया भर की कई नौसेनाओं ने पेशेवर सहयोग और समुद्री सुरक्षा अभ्यास के लिए भाग लिया था। हालांकि, ईरानी नाविकों की वापसी की यात्रा त्रासदी में बदल गई। अभ्यास में भाग लेने के बाद लौटते समय बुधवार को अमेरिका की एक पनडुब्बी ने श्रीलंका के तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरानी युद्धपोत पर टॉरपीडो से हमला कर उसे डुबो दिया, जिसमें कई नाविकों की समुद्र में ही मौत हो गई।