जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, नून नदी को पुनर्जीवित कर पेश की अनूठी मिसाल

जालौन 
बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित जालौन जिले का नाम अब राष्ट्रीय स्तर पर रोशन होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुए जल संरक्षण कार्यों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने पर जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को केंद्र सरकार सम्मानित करने जा रही है।

दरअसल, डीएम राजेश कुमार पांडेय ने जल संकट से जूझते बुंदेलखंड में जन भागीदारी आंदोलन के माध्यम से न केवल जल संरक्षण का अनूठा मॉडल विकसित किया, बल्कि जिले के लोगों को भी इस मुहिम से जोड़ा। उनकी पहल पर कोंच तहसील के ग्राम सतोह से उद्गमित 83 किलोमीटर लंबी नून नदी को पुनर्जीवित किया गया। यह नदी वर्षों से सूखी और उपेक्षित थी, लेकिन प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयास से इसमें फिर से जलधारा बहने लगी। इसके अलावा उनके द्वारा चेकडैम, रैन हार्वेसिंग को लेकर भी बेहतरीन काम किया, जिससे पानी की बचत हुई।

नून नदी पुनर्जीवन बना मिसाल

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डीएम राजेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में चले अभियान के दौरान नून नदी की सफाई, गहरीकरण, तटबंधों का निर्माण और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य कराया गया। इसमें गांव-गांव के लोगों को शामिल किया गया और इसे पूरी तरह जन आंदोलन का रूप दिया गया। इस प्रयास ने न केवल इलाके के जल संकट को काफी हद तक दूर किया बल्कि खेती और पेयजल की समस्या भी कम हुई।

राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

जालौन का यह मॉडल इतना प्रभावी साबित हुआ कि उत्तर प्रदेश सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की टीमों ने भी इसका स्थलीय निरीक्षण किया और इसे देशभर के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना। नतीजतन, JSJB 1.0 Award to Best Districts के तहत जालौन जिले का चयन किया गया।

इस सम्मान के तहत जालौन को ₹2 करोड़ की पुरस्कार राशि दी जाएगी। साथ ही जिले के डीएम राजेश कुमार पांडेय को औपचारिक समारोह में दिल्ली बुलाकर सम्मानित किया जाएगा।

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यूपी के अन्य जिले भी होंगे सम्मानित

जालौन के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और वाराणसी को भी ₹2-2 करोड़ की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा, जबकि चित्रकूट को ₹1 करोड़ का अवॉर्ड दिया जाएगा।

अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ के बलौद, राजनांदगांव और रायपुर, तेलंगाना के आदिलाबाद, नलगोंडा और मंचेरियल, मध्यप्रदेश के ईस्ट निमाड़, राजस्थान के भीलवाड़ा व बाड़मेर, त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिलों का भी चयन हुआ है।

प्रेरणा बनी जालौन की उपलब्धि

यह उपलब्धि साबित करती है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनता की भागीदारी से किसी भी बड़े संकट का समाधान निकाला जा सकता है। जालौन में नून नदी का पुनर्जीवन न सिर्फ जिले बल्कि पूरे बुंदेलखंड के लिए नई उम्मीद की किरण है। डीएम राजेश कुमार पांडेय का यह प्रयास आने वाले समय में देशभर के लिए जल संरक्षण का सफल मॉडल बनेगा।