जांजगीर जिला पामगढ़ के ग्राम भिलौनी में विवाहिता की हुई संदिग्ध मौत दरअसल हत्या थी| जिसे विवाहिता के पति, ससुर और सास ने मिलकर घटना को अंजाम दिया था| इस मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी तिवारी ने महिला के पति और सास , ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 10-10 हजार रूपए अर्थदंड से दंडित किया।
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अभियोजन के अनुसार रूपकुमारी का विवाह 2020 में पामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम जौरेला में सोनू बंजारे से हुई थी। 9 सितंबर 2021 को उसके पिता संतराम ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसे सुबह सूचना मिली कि रूपकुमारी की जलकर मौत हो गई है। सूचना पर जब वह अपनी बेटी की ससुराल पहुंचा तो देखा कि उसकी बेटी जली हालत में मृत पड़ी है और सिर के पीछे गहरा चोट का निशान है जिसमें से खून बह रहा था। कमरे में कपड़े बिखरे थे।
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रूपकुमारी के एक हाथ की चूड़िया टूटी हुई थी। उसके पहने कपड़े भी पूरी तरह जल गए थे। उसने पुलिस को बताया कि उसके पति सोनू बंजारे उर्फ सौरभ, ससुर खीखराम बंजारे और सास संतोषी बाई ने मिलकर उसे जलाया है। पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज किया और मामले की विवेचना शुरू की। जिसमें पता चला कि रूपकुमारी की हत्या टांगी मारकर की गई है। पुलिस ने पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और उन्हें जेल भेजा गया। संपूर्ण विवेचना के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

मामले की सुनवाई कर द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी तिवारी ने पत्नी की हत्या करने वाले पति सोनू बंजारे, ससुर खीखराम बंजारे और सास संतोषी बाई को भादवि की धारा 302 के लिए आजीवन कारावास और 5-5 हजार रूपए अर्थदंड तथा धारा 201 साक्ष्य छिपाने के लिए सात-सात वर्ष कारावास और 5-5 हजार रूपए का अर्थदंड दिया। अर्थदंड नहीं पटाने पर साल भर अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताए जाने का आदेश दिया गया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक चंद्र प्रताप सिंह ने पैरवी की।