तेहरान
ब्रिटेन के अखबार द टाइम्स ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मोजतबा खामेनेई अचेत हैं और गंभीर हालत में उनका इलाज कराया जा रहा है. पहले भी ये खबरें आई थीं कि वे उसी अमेरिका-इजरायल एयर स्ट्राइक में घायल हुए थे, जिसमें उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी. एक डिप्लोमैटिक मेमो में ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के बरे में ये जानकारी दी गई है. यह मेमो अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों पर आधारित है. इसे खाड़ी देशों के सहयोगी देशों के साथ साझा किया गया है।
द टाइम्स की खबर के मुताबिक मोजतबा खामेनी फिलहाल अचेत अवस्था में हैं और गंभीर हालत में उनका इलाज कराया जा रहा है. उनकी लोकेशन के बारे में बताते हुए कहा गया है कि उनका इलाज ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 140 किलोमीटर दक्षिण में स्थित कोम शहर में चल रहा है. पहले कहा जा रहा था कि उन्हें युद्ध के बीच रूस ले जाया गया है और मॉस्को में उनका इलाज किया जा रहा है. हालांकि बाद में रूस के राजदूत ने बताया था कि वे ईरान के अंदर ही हैं और अब ब्रिटिश अखबार द टाइम् ने भी इसकी पुष्टि की है।
कैसे अमेरिकी हमले से बचे मोजतबा खामेनेई?
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों से इसलिए बच गए, क्योंकि मिसाइलों से उनके घर पर हमला होने से कुछ मिनट पहले ही वह अपने बगीचे में टहलने के लिए बाहर निकल गए थे. जिस अमेरिकी-इजरायली अटैक में उनके पिता अली खामेनेई और अन्य परिवार को मारा गया, उसी में मोजतबा खामेनेई को भी टारगेट किया गया था. हालांकि उसी वक्त बाहर निकलने की वजह से वह मिसाइल अटैक में सेंकेड के अंतर से बाल-बाल बच गए. ‘द टेलीग्राफ’ को मिले एक लीक ऑडियो से पता चलता है कि 28 फरवरी को स्थानीय समयानुसार सुबह 9:32 बजे जब इजरायली ‘ब्लू स्पैरो’ बैलिस्टिक मिसाइलों ने उनके आवास पर हमला किया, उससे कुछ ही पल पहले वह ‘कुछ काम से’ बाहर चले गए थे।
अब शासन करने के काबिल नहीं मोजतबा
मोजतबा खामेनेई को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार दावा किया कि वो या तो अमेरिकी हमलों में मारे जा चुके हैं या फिर बेहद जख्मी हालत में हैं. उन्होंने ये भी कहा कि वो सार्वजनिक तौर पर दिखते नहीं, जिसकी वजह से ये संदेह और गहरा हो जाता है।
मोजतबा खामेनेई को युद्ध की शुरुआत में ही ईरान का सुप्रीम लीडर घोषित कर दिया गया था लेकिन वे कभी दिखाई नहीं दिए. उनके संदेश में कभी-कभी आते हैं और ज्यादातर मामलों में ईरान की सैन्य इकाई आईआरजीसी ही बयान देती है।
मोजतबा खामेनेई का आखिर संदेश सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज खोलने और सीजफायर के बयान के बाद आया था. इस संदेश में कहा गया था कि ईरान झुकेगा नहीं और सेनाएं अमेरिका पर पलटवार करेंगी।
अब द टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि मोजतबा खामेनेई के संदेश भी उनके नहीं हैं क्योंकि वे अचेत अवस्था में हैं और शासन करने के काबिल नहीं बचे हैं. जिस मेमो का जिक्र अखबार में किया गया है, वो इजरायल और अमेरिका की खुफिया एजेंसियों की जानकारी पर आधारित है. इसमें ये भी बताया गया है, कि मोजतबा खामेनेई किसी भी फैसले या युद्ध संचालन में शामिल होने की स्थिति में नहीं हैं. ईरान की ओर से अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।