MotoGP India: रफ्तार की जंग में मचेगी धूम, यूपी सरकार ने किया मोटोजीपी बाइक रेसिंग के लिए समझौता

नई दिल्ली  

 उत्तर प्रदेश में मोटरसाइकिल रेसिंग और मोटरस्पोर्ट के शौकीनों के लिए बड़ी ख़बर है. राज्य में अब एक बार फिर से इंटरनेशनल लेवल की रेसिंग देखने को मिल सकती है. ख़बर है कि, प्रीमियम ऑटोमोटिव और मोटरस्पोर्ट कंसल्टेंसी कंपनी AVW Global ने  स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के साथ एक अहम MoU साइन किया है. इस समझौते का मकसद उत्तर प्रदेश में ग्लोबल लेवल मोटरसाइकिल रेसिंग इकोसिस्टम तैयार करना है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस रणनीतिक समझौते के तहत एबीडब्ल्यू ग्लोबल उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर बड़े अंतरराष्ट्रीय रेसिंग टूर्नामेंट आयोजित कराने में सहयोग करेगी. इनमें दुनिया की मशहूर चैम्पियनशिप मोटोजीपी, एशिया रोड रेसिंग चैंपियनशिप जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं. इसका मतलब एक बार फिर से नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर पावरफुल मोटरसाइकिलों की रेस आयोजित हो सकती है.

स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने कहा कि एवीडब्ल्यू ग्लोबल की मदद से उत्तर प्रदेश मोटरसाइकिल रेसिंग को प्रोफेशनल तरीके से फिर से भारत में लाने की तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य और देश के लाखों फैंस दोबारा ट्रैक पर इन शानदार बाइक्स को दौड़ते देखना चाहते हैं. उत्तर प्रदेश सरकार मोटरस्पोर्ट और युवाओं के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करना चाहती है. उन्होंने भरोसा जताया कि हाई स्पीड रेसिंग बहुत जल्द राज्य में शुरू होगी.

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उन्होंने यह भी कहा कि ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) जैसी ग्लोबल रेसिंग फेसिलिटी का पूरा उपयोग किया जाएगा. इसके अलावा इस सर्किट के आसपास एक बेहतर और सस्टेनेबल इकोसिस्टम भी तैयार किया जाएगा. ताकि भविष्य में भी इस तरह के बड़े मोटरस्पोर्ट इवेंट का आयोजन आसानी से किया जा सके.

टू व्हील्स मोटर रेसिंग के प्रमोशंस डायरेक्टर रॉन हॉग ने कहा कि भारत जैसे बड़े बाजार में एवीडब्ल्यू ग्लोबल के जरिए प्रतिनिधित्व करना खुशी की बात है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जुलाई-अगस्त 2026 तक भारत में रेसिंग आयोजित की जा सकती है. वहीं एवीडब्ल्यू ग्लोबल के फाउंडर Karel Abraham ने कहा कि उन्होंने खुद MotoGP में रेसिंग की है और ग्लोबल लेवल की सर्किट चलाने का अनुभव भी उनके पास है. 

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोटरसाइकिल बाजार है और यहां वर्ल्ड लेवल रेसिंग होनी चाहिए. उनकी कंपनी पूरे प्रोफेशनल तरीके से फैंस को ध्यान में रखते हुए इस टार्गेट को पूरा करेगी. बयान में कहा गया है कि यह साझेदारी उत्तर प्रदेश सरकार और अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट एक्सपर्ट के बीच एक साझा प्रयास है. इसका मकसद राज्य में स्पोर्ट को बेहतर ढंग से तैयार करना है.  

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भारत में MotoGP का इतिहास
भारत में MotoGP की एंट्री बड़े जोरशोर के साथ हुई थी. इसके कमर्शियल राइट्स होल्डर डोर्ना स्पोर्ट्स ने शुरुआत में नोएडा की कंपनी फेयरस्ट्रीट स्पोर्ट के साथ 7 साल का समझौता किया था. मकसद साफ था, भारत को रेसिंग की दुनिया में एक बड़ी पहचान दिलाना. साल 2023 में पहली रेस हुई, दुनिया भर से आए मोटोजीपी रेसर्स ने इस भव्य आयोजन में हिस्सा लिया. लेकिन आयोजन के दौरान कई ऑपरेशनल दिक्कतें सामने आईं. तेज गर्मी ने भी रेस को प्रभावित किया. हालांकि ग्रेटर नोएडा का बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट  राइडर्स को काफी पसंद आया. कई राइडर्स ने ट्रैक की तारीफ की और इसे इंटरनेशनल लेवल का बताया.

साल 2024 का इंडियन ग्रां प्री बाद में रद्द कर दिया गया और इसे 2025 तक के लिए टाल दिया गया. आधिकारिक वजह “वेदर कंडिशन” बताई गई. लेकिन उस समय आई खबरों में कहा गया कि प्रमोटर फेयरस्ट्रीट स्पोर्ट्स ने डोर्ना स्पोर्ट्स को पूरी होस्टिंग फीस समय पर नहीं दी थी. हालांकि फेयरस्ट्रीट स्पोर्ट्स  ने इन दावों को खारिज किया. कंपनी का कहना था कि डोर्ना स्पोर्ट्स को पहले से जानकारी थी कि आम चुनाव की वजह से पेमेंट में देरी हो सकती है.

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सरकार की सीधी एंट्री
इसके कुछ ही हफ्तों बाद डोर्ना स्पोर्ट्स ने सीधे उत्तर प्रदेश सरकार के साथ 3 साल का नया समझौता कर लिया. इस फैसले के बाद फेयरस्ट्रीट स्पोर्ट्स इस पूरी व्यवस्था से बाहर हो गई. अगस्त 2024 में राज्य सरकार ने नए रेस प्रमोटर की तलाश के लिए टेंडर जारी किया. लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया और सितंबर 2024 में दोबारा जारी किया गया. अब सबकी नजर इस बात पर है कि नए अरेंजमेंट के साथ भारत में मोटोजीपी कितनी मजबूती से वापसी करता है.