पीड़ित से मिलने जा रहे हैं सांसद चंद्रशेखर को पुलिस ने रोका, बैरिकेड तोड़कर हाईवे पर लगाई दौड़, बाइक सवार से ली लिफ्ट

दिल्ली से मेरठ जा रहे आजाद समाज पार्टी प्रमुख व नगीना लोकसभा से सांसद चंद्रशेखर आजाद को राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) नौ पर पुलिस ने रोका तो बवाल हो गया। भारी पुलिस बल के घेरा को तोड़ते हुए सांसद हाइवे पर दौड़ लगाते हुए निकल गए| कुछ दूरी पर एक बाइक सवार से लिफ्ट लेकर आगे निकले| मामला शनिवार की दोपहर करीब 3:45 बजे का है। दिल्ली हवाईअड्डे से चंद्र शेखर आजाद मेरठ के सरधना थानाक्षेत्र के कपसाड़ गांव जा रहे थे। जब इसकी सूचना पुलिस को मिली तब इंदिरापुरम, खोड़ा और कौशांबी ने फोर्स के साथ यूपी गेट पर बेरिकेडिंग कर दी।

 

 

चंद्रशेखर आज़ाद मेरठ के कपसाड़ गांव जा रहे थे, जहाँ हाल ही में एक दलित महिला की हत्या और उनकी बेटी के अपहरण की घटना हुई है। वे पीड़ित परिवार से मुलाकात करना चाहते थे। गाजीपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात था। पुलिस द्वारा रोके जाने पर चंद्रशेखर और उनके समर्थकों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस को चकमा देने के लिए चंद्रशेखर ने अपनी गाड़ी छोड़ दी और सड़क पर पैदल ही दौड़ लगा दी ताकि वे सीमा पार कर सकें।

See also  कोलकाता में दरिंदगी के बाद देशभर के डॉक्टरों में गुस्सा, दिल्ली के RML में OPD बंद, धरने पर बैठे डॉक्टर

 

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, वे पुलिस घेरे को पार कर आगे बढ़ने में सफल रहे और बाद में उन्हें टोल प्लाजा के पास फिर से रोकने की कोशिश की गई। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की हुई है। मेरठ के उस गांव में भी भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है जहाँ यह आपराधिक घटना हुई थी। इसी मामले में विपक्षी नेताओं द्वारा भी विरोध दर्ज कराया जा रहा है और क्षेत्र में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।

बता दें कि 8 जनवरी को मेरठ के सरधना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में दबंग युवकों (ठाकुर बिरादरी) ने खेत पर मां के साथ काम करने जा रही युवती रूबी का अपहरण कर लिया, जब उसकी मां सुनीता ने बेटी को बचाने के लिए आई तो उसके सिर पर धारदार हथियार से वारकर घायल कर दिया. उसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी. इस घटना के बाद पूरे गांव में तनाव की स्थिति बन गयी|

See also  बडवेल में 16 वर्षीय लड़की को जलाकर मार डालने का मामला, दूसरी महिला से कर ली शादी, सवाल किया तो जलाकर मार डाला