सांसद हिमाद्री सिंह ने अपनी बेटी का दाखिला गृह गांव के सरकारी स्कूल में कराया

 शहडोल

प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह की तारीफ में जमकर कसीदे गढ़े हैं. BJP सांसद हिमाद्री अपनी बेटी का सरकारी स्कूल में एडमिशन करवाकर चर्चा में आई हैं. इस वजह से सड़क से संसद तक उनकी सराहना हो रही है.  

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेत्री उमा भारती का कहना है, ''शहडोल की सांसद का अपनी बच्ची को सरकारी स्कूल में पढ़ाना एक आदर्श उदाहरण है. हिमाद्री सिंह का इस आदर्श पहल के लिए अभिनंदन करती हूं और शासन-प्रशासन में उच्च स्थानों में बैठे हुए सभी नवदंपतियों से कहूंगी कि वह भी अपने बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा से ही इस तरह की पहल करें.''

IAS अफसर की पहल का भी जिक्र

उमा भारती ने उत्तराखंड के एक आईएएस अफसर का भी जिक्र किया. कहा, ''अपने अच्छे कार्यों के लिए प्रशंसा प्राप्त कर चुके एक जिला कलेक्टर ने अपने बेटे को सरकारी स्कूल में ही पढ़ाना शुरू किया था और उनकी उच्च शिक्षा प्राप्त पत्नी ने भी एक सरकारी स्कूल में एक शिक्षक के अभाव होने पर स्वयं पढ़ाना प्रारंभ किया था. उस आदर्श दंपती की मैंने अनुमति नहीं ली है इसलिए मैं उनके नाम का उल्लेख नहीं कर रही हूं. ऐसे प्रयासों से सरकारी शिक्षण संस्थानों में अपने आप सुधार शुरू हो जाएगा.'' 

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गांव के स्कूल में पढ़ेगी सांसद की बेटी

बता दें कि मध्यप्रदेश के शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह ने अपनी बेटी का दाखिला अपने गृह गांव के एक सरकारी स्कूल में कराया है. सांसद हिमाद्री सिंह की बेटी गिरिजा कुमारी राजेंद्रग्राम की शासकीय प्राथमिक कन्या शाला में शिक्षा ग्रहण करेंगी.

हिमाद्री के पिता थे केंद्रीय मंत्री

सांसद हिमाद्री सिंह के पिता दिवंगत दलबीर सिंह केंद्र की राजीव गांधी सरकार में वित्त राज्य मंत्री थे. दलबीर सिंह कई साल तक शहडोल का संसद में प्रतिनिधित्व करते रहे. हिमाद्री का परिवार कांग्रेसी था.

उनके पिता दलवीर सिंह कांग्रेस से सांसद रहते हुए केंद्र की सरकार सरकार में दो बार मंत्री रहे. हिमाद्री की मां राजेश नंदिनी भी कांग्रेस से सांसद रही हैं.

दिल्ली में जन्मीं थीं हिमाद्री

वहीं, खुद हिमाद्री सिंह का जन्म राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुआ और उनकी पूरी पढ़ाई दिल्ली स्कूल और यूपी के कॉलेजों में हुई है. सांसद बनने से पहले वे दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थीं. 

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